1 हजार रूपए महीना कमाने वाला श्रीकांत आज कमाते हैं 9 करोड़ रूपए सालाना, घर के बच्चों भी डॉक्टर, इंजीनियर बनने के बजाय बन गए हैं पिता की तरह किसान

फूलों की खेती में एक छोटी सी शुरुआत करने वाले भारत के तमिलनाडु राज्य के बोलापल्ली श्रीकांत आज करोड़ों रुपये कमा रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण यह है कि श्रीकांत ने खेती को घाटे के बजाय मोटे मुनाफे वाला समझा और फिर इसे सही तरीके से करने की जानकारी जुटानी शुरु की। उन्होंने फूलों…Read More→

Continue Reading
sanveti kisankhabar.com

भोपाल के एक किसान ने बदली पूरे गांव की किस्मत, प्रति एकड़ 3 लाख रूपए के मुनाफे वाली सेवंती फूल की खेती से गांव करता है करोड़ों की कमाई

सेवंती की ख़ुशबू से महका गुनखेड़ा, फ़ूलों की खेती करके बन गए करोड़पति, सालाना कमा रहे है 2 करोड़ खेती की ख़बरें अब मोबाइल पर पाना और भी हुआ आसान, डाउनलोड करें किसानख़बर की नई एप जिसमें है किसानों की लगभग हर समस्या का समाधान भोपाल का नाम सुनते ही आपको शोले का सूरमा भोपाली सबसे…Read More→

Continue Reading
Chennai boy Shriram earns millions from hydroponic farming in india

बिना खेत के ही खेती करता है चेन्नई का एक लड़का, सालाना कमाई 4 करोड़, फूल-फल-सब्जी सबकी होती है खेती

अगर आप अभी तक इस गलतफहमी में है कि खेती तो सिर्फ खेत में ही होती है, तो आज आपकी यह गलतफहमी इस खबर को पढ़ने के बाद दूर हो जाएगी। इस बात को अगर यह यूं कहें कि खेती को हवा में होते देखा है क्या कभी? नहीं ना, लेकिन आज हम आपको हवा…Read More→

Continue Reading

हैरान ! कभी आधी दुनिया पर राज करने वाले इंग्लैंड देश में भी किसान कर रहे हैं आत्महत्या, महारानी व्यस्त है अपने पौते-पोतियों के साथ, जानिए क्यों और कैसे मर रहे हैं अग्रेंज किसान

इंग्लैंड – वो देश जिसका कभी आधी दुनिया पर एकछत्र राज होता था। वो देश जिसने दुनिया के लगभग हर अमीर देश को लूटकर अपना खजाना भरा और इसी लूट के पैसे से इंग्लैंड की महारानी और उनका खानदान एश की जिंदगी गुजरता है। दुनिया के सबसे अमीर देशों में शुमार इंग्लैंड में अगर सैकड़ों…Read More→

Continue Reading

पराली जलाने वाले किसानों के लिए सरकार की अनोखी योजना, पराली ना जलाओ और इनाम पाओ, पराली की मशीनों पर 80% सब्सिडी

पराली की समस्या दिल्ली, पंजाब और हरियाणा राज्य के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। इस समस्या से निपटने के लिए अब राज्य सरकारें साम, दाम, दंड, भेद की नीति पर काम करने को मजबूर हैं। सरकार ने साम यानी किसानों को समझाने की असफल कोशिश की। फिर दंड यानी कानून बनाकर पराली जलाने…Read More→

Continue Reading