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बरेली का यह किसान एक साल में दो बार उगाता है गोभी कमाता है 10 लाख रुपये

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गेहूं और मेंथा की खेती छोड़ यह किसान गोभी की खेती कर रहा है। इसके साथ ही अपने गांव के अन्य किसानों को भी गोभी की खेती के लिए जागरूक कर रहा है।बरेली। गेहूं और मेंथा की कहती छोड़ कर एक किसान गोभी की खेती कर रहा है।
विकास खंड आलमपुर जाफराबाद के गांव विछुरैया निवासी किसानी राजेश सिंह (45 बर्ष) पत्ता गोभी की खेती करते हैं। राजेश ने मुझे बताया,” की पहले मैं गेहूं और मेंथा की खेती करता था।, लेकिन मुझे ज्यादा मुनाफा नहीं होता था। पड़ोस के गांव में एक किसान सब्जी की खेती करता था। उसे देखकर मैंने भी सब्जी की खेती के बारे में सोचा। काफी सोच विचार के बाद मैं बंद गोभी की खेती करने लगा हूँ। मैं चार साल से गोभी की खेती करता हूँ। पिछले साल मैंने 51 बीघे में खेती की थी, जिससे मुझे 10 लाख का फायदा हुआ था। राजेश ने गांव के कुछ अन्य किसानों के खेत भी बटाई पर ले रखे हैं। राजेश ने बताया कि मैं दो बार गोभी उगाता हूँ। एक बार पौधे लगने के कुछ दिनों बाद फिर से नर्सरी कर देता हूँ ।एक तरफ उगैती फसल कट जाती है तो पहले से तैयार पौधे लगा देता हूँ। दूसरी फसल में फूल अधिक महगे नहीं बिकते हैं, लेकिन पैदाबार अधिक होने से आमदनी अच्छी हो जाती है।
एक साल में दो बार उगाते हैं गोभी राजेश ने बताया,” जुलाई माह के पहले सप्ताह में नर्सरी डाल देता हूँ। इस दौरान काफी ध्यान देना होता है 22 से 25 दिन में गोभी कि नर्सरी तैयार हो जाती है। गोभी की खेती के लिए रेतीली दोमट मिटटी सबसे अच्छी होती है। बंद गोभी की फसल को उगाने से पहले खेत को मिटटी पलटने वाले हल से या ट्रेक्टर से अच्छी तरह से पलट लेता हूँ।
इसके बाद लगभग 3 या 4 बार गहरी जुताई करके खेत में पाटा लगाकर भूमि को समतल बना लेता हूँ। इसके बाद इसमें पौधे लगाता हूँ। पौध डालने से पहले 5 किलो ग्राम गोबर प्रति क्यारी मिला देनी चाहिए और 10 ग्राम म्यूरेट ऑफ़ पोटाश 5 किलो यूरिया प्रति वर्ग मीटर के हिसाव से क्यारियों में मिला देनी चाहिए। पौध 2.5 से 5 सेंटीमीटर दूरी की कतारों में डालना चाहिए। क्यारियों में बीज बुवाई के बाद सड़ी गोबर की खाद से बीज को ढक देना चाहिए। इसके 1 या 2 दिन बाद नालियों में पानी लगा देना चाहिए। एक बीघे में 3 से 4 हजार पौधे लगाते हैं। खेती मैं आने बाली कुल लागत के बारे में उन्होंने बताया ,” कि निराई, दवाई पौध, सिचाई और अन्य खर्चे मिलाकर एक बीघे में करीव पांच हजार की लागत आती है।” नबम्बर माह में फसल तैयार हो जाती है। इसके बाद दिसंबर माह में फिर दूसरे सीजन के लिए नर्सरी डालदी जाती है। इसके बाद दिसंबर में पौधे लगा दिए जाते हैं जो फरबरी में तैयार हो जाते हैं। इस मौसम में गोभी का अच्छा दाम मिलता है ”
अधिक मुनाफे के लिए करें फूलगोभी अगेती खेती जैविक खाद का करते हैं प्रयोग
गोभी के अच्छे उत्पादन के लिए राजेश जैविक खाद का प्रयोग करते है। राजेश घर पर ही जैविक खाद बनाते हैं।,
जिससे फसल में लागत कम आती है। राजेश ने बताया,” कि जैविक खाद के प्रयोग से उत्पादन काफी अच्छा होता है। इसके साथ-साथ गोभी का रंग काफी अच्छा होता है और इसका कलर भी शानदार होता है। और पौध भी अच्छी होती है जैविक खाद जी बजह से पौधे कि जड़ मोती व् काफी मजबूत होती है । फल अच्छे होने के कारण दाम भी अच्छे होते हैं।
“राजेश ने आगे बताया,” कि में गोभी बेचने हल्द्वानी मंडी ले जाता हूँ, जहाँ दाम अच्छा मिलता हैं और एक बीघे में करीव 50000 हजार रूपये की गोभी बिक जाती है। एक बीघे में 1200 कट्टा गोभी निकलती है और एक कट्टे मैं 22 से 25 गोभी बनती हैं।
सूंडी रोग का अधिक प्रकोप 
गोभी की फसल पर सूंडी रोग अधिक लगता है इसके लिए किसान को चौकन्ना रहना होता है। राजेश बताते हैं,” गोभी की खेती में कई प्रकार के कीड़े लगते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा डर इस फसल में सूंडी का रहता है इसके लिए मै हर सप्ताह जैविक कीटनाशक दबाई का प्रयोग करता हूँ। थोड़ी सी लापरवाही किसान पर पड़ सकती है। किसान को समय -समय पर देखभाल करते रहना चाहिए। अगर फसल में किसी तरह का बदलाव दिख रहा हो तो तुरंत केवीके से संपर्क करना चाहिए।” इसके साथ-साथ नीलगाय भी फसलों को बचाने के लिए रात-रात भर जागना पड़ता है। वहीं गोभी की फसल के साथ उगे खरपतवारों कि रोकथाम के लिए आवश्यकता अनुसार निराई – गुड़ाई करते रहें। क्योंकि बंद गोभी उथली जड़ बाली फसल है इसलिए उसकी निराई – गुड़ाई अधिक गहरी न करें और खरपतबारों को उखाड़ कर नष्ट कर दें।
रेत में करते हैं खेती, हजारों किसानों को रोजगार कमाते हैं लाखों
किसानों को बताते हैं अच्छे उत्पादन के तरीके                              किसानों को गोभी की खेती के बारे में बताते राजेश

राजेश को देख गांव के कई किसान गोभी की खेती करने लगे हैं। इसी गांव के राम मूर्ति (35 वर्ष) भी अब खेती करने लगे हैं और अच्छी कमाई भी कर रहे हैं। राम मूर्ति ने बताया,”पहले मैं भी गेहूं और मेथा की खेती करता था, लेकिन लागत ज्यादा और मुनाफा कम होता था। मैंने देखा की राजेश भाई गोभी की खेती से अच्छी कमाई कर रहे हैं। इन्ही को देखकर मैंने भी पिछले साल 12 बीघे में गोभी की खेती की थी, जिससे मुझे करीब 3.5 लाख रुपये का फायदा हुआ। अब में गोभी की ही खेती करता हूँ।” राजेश ने बताया,” की मुझे देखकर गांव के कई किसानों ने गोभी की खेती करना प्रारम्भ कर दिया। यह देख मुझे बहुत अच्छा लग रहा है

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