खेती की जानकारी के लिए किसान अब नहीं होंगे परेशान, किसानों को खेती में आमदनी बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश में होने बाले कृषि कुम्भ की तैयारियां जारी

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किसानों के लिए मौका : इस कृषि कुम्भ में उन्नत फसल तकनीक के साथ-साथ बैंकिंग व सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
लखनऊ। सभी किसानों की फसल को नुकसान से बचाने के साथ ही किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश में पहली बार कृषि कुम्भ मेले का आयोजन होगा। लखनऊ मे रायबरेली रोड पर स्थित गन्ना अनुसन्धान सस्थान में होने बाले तीन दिवसीय कृषि कुम्भ के लिए आईसीआर भी तैयारियों मे जुटा है। इस समारोह में आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे।
किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उन्नत तकनीक और पशुपालन की जानकारी देने के लिए राजधानी लखनऊ में 26 से 28 अक्टूबर,2018 तक होने बाले कृषि कुम्भ में उन्नत किसान, वैज्ञानिक और नीति निर्धारक एक साथ मंथन करेंगे। नई दिल्ली :यहां पर पत्रकारों से बात करते हुए उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया,” कि कृषि कुम्भ का मकसद किसानों को उनके हित की जानकारी उपलब्ध करना है। उत्तर प्रदेश में इस तरह का आयोजन पहली बार हो रहा है जिसमें खेती से जुड़े व्यवसाय से जुड़े जानकर शामिल होंगे।”
उत्तर प्रदेश में कुल 22.7 करोड़ जनसँख्या में से 2.33 करोड़ किसान परिवार हैं। इनमें से भी 92.5 सीमांत और लघु की श्रेणी में आते हैं।
गेहूं, गन्ना, चीनी, मास, आम, आलू के उत्पादन में पहले जवकि चावल,जौ,बाजरा आदि में दूसरे स्थान पर है
कृषि कुम्भ कृषि-बागवानी, खाद एवं दुग्धशाला, पशुपालन एवं मुर्गीपालन, कृषि मशीनरी, वित्तीय समावेश, कृषि उधमता, कृषि स्टार्टअप एवं जैविक खेती पर मुख्य रूप से केंद्रित होगा।
इस कार्यक्रम में मंडी, दुग्ध व सम्बंधित बिभागों के मंत्रियों ने भी अपने बिभागों की योजनाओं को सामने रखा है

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उत्तर प्रदेश पहला ऐसा राज्य है जहां बर्ष 2017-18 में 23 लाख से अधिक किसानों के खातों में 452.6 करोड़ रूपये सीधे भेजे गए
इस कृषि कुम्भ मे सभी 75 जिलों के किसान व् सरकार के नीति निर्माता, कृषि विश्वविद्यालयों, केवीके, स्वयं सेवी संगठन और सम्बंधित
लोग सम्मलित होंगे। साथ ही राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय शोध केंद्रों के वैज्ञानिकों व विषेशज्ञों द्वारा उन्नत तकनीत व अन्य जानकारी के लिए विशेष सत्र आयोजित किये जायेंगे।
गांव कनेक्शन से बात करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया,” कृषि महाकुम्भ में करीव एक लाख किसानों के आने का लक्ष्य रखा गया है किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जायेगा। सफल किसानों की कहानियों को दिखाया जायेगा। साथ ही वैज्ञानिकों का उनका संवाद होगा।उत्तर प्रदेश में पहली बार हो रहे वृहद कृषि कुम्भ से किसानों, नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, और उद्यमियों के दवरा एक साथ कृषि की सम्भावनाओं को तलाशेंगे।
” इस कार्यक्रम के शुभारम्भ के लिए प्रधानमंत्री से अनुरोध किया जायेगा। साथ ही अंतराष्ट्रीय चावल अनुसन्धान संस्थान (आई आर आर आई) जैसे कई सस्थान भी भाग लेंगे,” कृषि मंत्री सूर्य पताप शाही ने बताया।
इन कृषि महाकुम्भ में कृषि से सम्बंधित प्रदेश से सभी विभाग अपने योजनाओं का विस्तार से प्रदर्शन करेंगे ताकि किसान आसानी से उनका लाभ उठा पाएं।