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IAS ऑफिसर की गोल्‍फर बेटी, शिकागो में की ग्रेजुएशन, अब करती है गाय पालन और ऑर्गेनिक खेती

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IAS ऑफिसर की गोल्‍फर बेटी, शिकागो में की ग्रेजुएशन, अब करती है गाय पालन और ऑर्गेनिक खेती

किसान या खेती सुनकर ही लोग कतराते है। कहते है इतना पढ़-लिख़ कर क्या हम खेती और किसानी करेंगे। एक दौर था जब लोग कहते थे या फिर ये मानते थे की एक डॉक्टर की बेटी डॉक्टर बनेगी और एक किसान की बेटी किसान।

लेकिन अब समय बदल रहा है। लेकिन आज हम एक ऐसी लड़की की बात करने जा रहे है, जो ना केवल ज्यादा पढ़-लिख़ी है बल्कि प्रोफेशनल गोल्फ प्लेयर भी रह चुकी है। जिहा हम बात कर रहे है यूपी के लखनऊ की रहने वाली आईएएस अफसर की बेटी वैष्णवी सिन्हा की।

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                                                       वैष्णवी सिन्हा

कौन है वैष्णवी सिन्हा
आईएएस ऑफिसर आलोक सिन्हा की बेटी वैष्णवी का जन्म 6 दिसंबर 1990 को लखनऊ में हुआ था। उन्होंने डीपीएस नोएडा से 2008 में 12वीं पास की और आगे की पढ़ाई के लिए शिकागो की परड्यू यूनिवर्सिटी चली गईं।

वहां पांच साल तक पढ़ाई की, साथ में गोल्फ की प्रैक्टिस भी करती रहीं। ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद उन्होंने अमेरिका में ही दो साल तक प्रोफेशनली गोल्फ खेला। 2015 में वैष्णवी शिकागो से वापस भारत लौट आई।

अमेरिका से डिग्री लेने के बाद भारत में गाय पाल रही हैं और जैविक खेती कर रही हैं। वैष्णवी 5 साल से ज्यादा समय अमेरिका के शिकागो में रही। उन्होंने प्रोफेशनल तौर पर गोल्फ खेला लेकिन अब भारत लौटकर वह गाय पाल रही हैं। वह जैविक खेती करके लोगों को खेती के लिए बढ़ावा दे रही हैं।

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वैष्णवी सिन्हा
                                         गोल्फर वैष्णवी

पिता ने दिया जैविक खेती और गाय पालने का आईडीया  
वैष्णवी बताती है, नोएडा में एक साल तक छोटी बहन के साथ मिलकर ई कामर्स के फिल्ड में काम किया। लेकिन, मेरा मन बंद कमरे में बैठकर काम करने में नहीं लगा। मुझे इसकी आदत नहीं थी। मैंने उस काम को छोड़ कुछ अलग करने का सोचा। एक दिन मैं फैमिली के साथ टेबल पर बैठकर खाना खा रही थी, तभी पापा ने मुझे लीक से हटकर कुछ अलग काम करने की एडवाइस दी।

फिर वैष्णवी ने परिवार की उत्तर प्रदेश में मौजूद 40 एकड़ से ज्यादा जमीन ली और 2017 में 10 गायें खरीदी। साथ ही जीरो बजट ऑर्गेनिक फार्मिंग करना शुरू किया। ये वो दौर जहां किसान की बेटी तो किसान बन ही सकती है, लेकिन एक IAS की बेटी भी आर्गेनिक खेती और पशुपालन का काम करने लगी है।

पशुपालन का काम
                                                                पशुपालन का काम

2018 के अंत तक 120 गाय का है लक्ष्य
अभी उनके पास पास 21 गायें हैं। जो हर रोज 50 से 60 लीटर दूध देती हैं। वह गाय के गोबर से खाद बनाकर उसी से जीरो बजट आर्गेनिक खेती करती हैं। वैष्णवी ने 2018 के अंत तक 120 गायें पालने का लक्ष्य रखा है। साथ ही 1.4 करोड़ रुपए टर्न ओवर का भी टारगेट फिक्स किया है।

               

पिता तो है बहुत खुश लेकिन, ये है वैष्णवी के काम से नाराज़ है 

वैष्णवी बताती है, मैं अभी खेती और गाय पालन का काम रही हूं। मैं आर्गेनिक फार्मिंग की फिल्ड में आगे भी काम करना चाहती हूं। मेरे काम से पैरेंट्स तो खुश हैं, लेकिन मेरे नाना-नानी नराज रहते हैं। नाखुश है। वे दोनों चाहते थे कि मैं पढ़-लिखकर कोई अच्छी जॉब करूं। उन्हें मेरा खेती करना और गाय पालन का काम पसंद नहीं।

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