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फलों के राजा आम ने बना दिया 1 आम किसान को सचमुच का राजा, अब कमा रहे है लाखों

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फलों के राजा आम ने बना दिया 1 आम किसान को सचमुच का राजा, कमा रहे है लाखो

सहारनपुर जिले के मरवा गांव के बागवान करुण कुमार गुरेजा ने आम के बागीचों से अपनी तरक्की तो की ही साथ-साथ पूरे गांव के किसानों कि भी मदद की। उन्होंने किसानों को आम की उन्नति वाली खेती के बारे में बताया और आम की अच्छी क्वालिटी के बारे में भी जानकारी दी।

कैसे शुरू हुआ आम आदमी का आम सफ़र 
जयपुर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर मार्केटिंग से पढ़ाई कर उन्होंने बागों में एक्सपोर्ट क्वालिटी के आम पैदा कर एक्सपोर्ट करने की ठानी।
आज के समय में मरवा गांव के लगभग 40% किसान आम से लाखों रुपये कमा रहे हैैं।

                                                                मैंगो मैन 

विदेशी पैसों के साथ-साथ मिली इज़्जत
मरवा गांव के बागवान करुण कुमार गुरेजा ने आम कि अच्छी जानकारी हासिल करके ना केवल विदेशी पैसा भारत में निर्यात करवाया बल्कि भारत के आम को 1 दर्जा हासिल करवाया। हम सब जानते हैं कि भारत में अच्छे किस्मो के आम की पैदावार हैं लेकिन मार्केट में कम और विदेशो में ज़्यदा एक्सपोर्ट किया जाता हैं।

बागवान करुण कुमार गुरेजा ने 70 टन आम का एक्सपोर्ट कर जहां विदेश में नवाब ब्रांड का डंका बजाया, वहीं विदेशी पैसा भी खूब कमाया हैं। उन्होंने अमेरिका, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और जापान के सामने भारत के आमों को अच्छा और बेहतर साबित किया।

साल 2018 में सहारनपुर जिले से करीब 121 टन आम का एक्सपोर्ट किया गया। 70 टन आम का योगदान मरवा गांव से एक्सपोर्ट किया गया। उन्होंने अपने बागों से दशहरी, लंगड़ा और चौसा आम का कई देशों में एक्सपोर्ट किया, जो अपने-आप में एक कठिन चुनौती थी।

 

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                                                          आम का बाग़ 

 

क्या हैं इनका बागवानी का तरीका
करुण ने पहले बाग कि मिट्टी की जांच करवाई और रिपोर्ट के आधार पर खाद और माइक्रोन्यूटे्रंट का प्रयोग किया। आम को कीटों से बचाने के लिए जापान और कोरिया से बैग मंगाए। ये बैग आमों पर लगाए। इससे आम कीट-फंगस से बचा रहता है।

                               कवर किये हुए आम की रक्षा का तरीका 

एक्सपोर्ट में लागत और फायदा
करुण कुमार के अनुसार आम को विदेश भेजने में उनको करीब 200 रुपये प्रति किलो का खर्च आया। इसमें 35 से 40 रुपये किलो आम, करीब 100 रुपये भाड़ा, 20 रुपये पैंकिग और 22 रुपये प्रोसेसिंग शुल्क शामिल हैं।

आम आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 360, अमेरिका में 400 से 450 और जापान में 500 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिका। उन्हें मंडी परिषद की ओर से 26 रुपये किलो के हिसाब से फायदा मिला। इसमें 13 रुपये ब्रांड प्रमोशन और 13 रुपये मंडी का किराया हैं।

सेलेब्स के नाम पर आमों नाम
नमो (मोदी) आम
ऐश्वर्या आम
सचिन आम
अखिलेश आम

 

                                                    सेलेब्स के नाम पर आमों नाम

एक्सपोर्ट वाले आम की प्रोसेस

एक्सपोर्ट के लिए आम को डंडी सहित तुड़ाई होती है। इसके बाद मंडी समिति के मैंगो पैक हाउस में उसे प्रोसेस किया जाता है। पहले आम का चेप निकालने के लिए करीब दो घंटे तक आम को उल्टा रखते हैं।

इसके बाद मशीन से उसकी वाशिंग कर ग्रेडिंग होती है। फिर उसे वैपर हीट ट्रीटमेंट (वीएचटी)से गुजारते हैं। अमेरिका के लिए आम का रेडिएशन भी होता है। इस प्रोसेस के समय भारतीय और एक्सपोर्ट किये जाने वाले देश के एक्सपर्ट्स भी मौजूद रहते हैं।

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