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अच्छी पढ़ाई करने के बाद भी नहीं की नौकरी , अब कर रहे है बिहार में दूध उत्पादन, बदल दी 60 परिवारों की ज़िंदगी

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अच्छी पढ़ाई करने के बाद भी नहीं की नौकरी , अब कर रहे हैं बिहार में दूध उत्पादन, बदल दी 60 परिवारों की ज़िंदगी

जहां आज कल के युवा पढ़ाई करने के बाद नौकरी की तलाश में बड़े शहरों का रुख कर लेते हैं। वहीं कुछ युवा ऐसे भी हैं, जो अपने गांव में हि रेह कर वहां के लोगों कि उनत्ति के बारे में सोचते हैं। ऐसा ही एक उदहारण दिया है, बिहार के बक्सर स्थित वरुणा के नौजवान युवक सर्वजीत सिंह मौर्य ने।

अच्छी पढ़ाई करने के बाद भी नहीं की नौकरी, करने लगे लोगों की मदद

सर्वजीत ने यह तय किया की पढ़ाई करके वह गांव में दुध उत्पादक परिवारों की मदद करेंगे। इसी के चलते सर्वजीत ने अपने गांव में दुध उत्पादन करने वाले परिवारों को बेहतर बाज़ार दिलाकर आमदनी बढ़ाने में उन परिवारों की मदद की। पूरी लगन और मेहनत साथ उन्होंने लोगो की भलाई ,  और दूध उत्पादन करने में आसानी हो ऐसे तरीके भी सिखाये ।

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मीडिया द्वारा मिला समर्थन
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देश के प्रधान मंत्री करेंगे सम्मानित, अक्षय कुमार करेंगे सपोर्ट  
वाई फॉर डी नामक फाउंडेशन ने सर्वजीत सिंह मौर्य को 16 जुलाई 2018 को दिल्ली में होने वाले समरोह में सम्मानित करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उन युवाओं का सम्मान किया जाएगा, जिन्होंने अपने समाज की उन्नति और भलाई के लिए फायदेमंद कदम उठाए हैं। सर्वजीत भी उन्हीं युवाओं मे से 1 हैं। समारोह में संस्था के ब्रांड एम्बेसडर और मशहूर अभिनेता अक्षय कुमार भी मौजूद रहेंगे।

कुमार करेंगे सपोर्ट,प्रधान मंत्री करेंगे सम्मानित
                                             कुमार करेंगे सपोर्ट,प्रधान मंत्री करेंगे सम्मानित

गांव को सिखाया आधुनिक तरीके
सर्वजीत सिंह ने अपने गांव को दुध उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है, और अपने हुनर और क्षमता से गांव वासियों का जीवन बदलने की कोशिश कर रहे हैं। इतना ही नहीं सर्वजीत ने गांव के लोगों को बचत के लिए प्रेरित करने में, उनको इंटरनेट इस्तेमाल करने, कैशलेस लेनदेन करने, साथ-ही-साथ ऑनलाइन सेवाएं मुहैया कराने में योगदान दिया है।

सर्वजीत को युवा भारत के क्षेत्र में काम कर रही गैर सरकारी संस्था वाई फॉर डी ने सम्मान देने का फैसला किया है। दुध उत्पादन के लिए मशहूर वरुणा गांव को सर्वजीत ने समृद्धि कि नई राह दिखाई। एक समय था जब वरुणा गांव के लोगों को बाज़ार के अभाव में 100 रुपये किलो की दर पर छेना डमरुआ जाकर बेचना पड़ता था।

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                                             आधुनिक तरीके

गांव को दिया 8 साल, बदल दी 60 परिवारों की ज़िंदगियां
सर्वजीत ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से काम किया। 8 साल पहले अपने गांव को दुध सहकारी समिति से जोड़ा और दुध संग्रहण केंद्र स्थापित कराया। इस सुविधा से गांव के 60 परिवारों को जोड़ा और उनकी आमदनी के साथ-साथ उनकी जीवन शैली भी बदल दी। इतना ही नहीं सर्वजीत सिंह ने सहज सुविधा केंद्र और गाहक सुविधा केंद्र भी बनवाया। पीएनबी में गांव के 1000 से ज़ादा लोगों के बचत खाते भी खुलवाए।

कुछ समय पहले वाई फॉर डी फाउंडेशन ने यूथ इंडिया कार्यक्रम के तहत पांच वर्ग निर्धारित कर युवाओं की एंट्री मांगी थी। जिसमे 10 हज़ार से ज़ादा युवाओं ने नाम भरा था। संस्था ने अपनी वेबसाइट पर वोटिंग करवाई जिसमे युवा बिज़नेस वर्ग से सर्वजीत सिंह को चुना गया।

सर्वजीत ने कहा – मैं इस ख़ुशी के मौके पर अपने दोस्तों और परिवार वालो का धन्यवाद करना चाहता हूँ, क्युकी उन्होंने मेरा हर कदम पर साथ दिया। मेरे परिवार के लोगो ने हर मुश्किल की घडी में मुझे संभाला और यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं बल्कि पुरे गॉंव का है।

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