Press "Enter" to skip to content

गुजरात के बाद बिहार के नक्सली इलाके में भी शुरू हुई दूध क्रांति, प्रधानमंत्री मोदी खुद करेंगे दूसरी दूध क्रांति शुरू करने वाले सर्वजीत को सम्मानित

Hits: 821

गुजरात के बाद बिहार के नक्सली इलाके में भी शुरू हुई दूध क्रांति, प्रधानमंत्री मोदी खुद करेंगे दूसरी दूध क्रांति शुरू करने वाले सर्वजीत को सम्मानित

आज कल के युवा पढ़ाई करने के बाद नौकरी की तलाश में बड़े शहरों का रुख कर लेते हैं। वहीं कुछ युवा ऐसे भी हैं जो अपने गॉंव में ही रहकर वहाँ के लोगों कि उनत्ति के बारे में सोचते हैं। ऐसा ही एक उदहारण दिया है बिहार के बक्सर स्थित वरुणा गॉंव के नौजवान युवक सर्वजीत सिंह मौर्य ने।

उन्होंने ने यह तय किया की पढ़ाई करके वह गॉंव में दुग्ध उत्पादक परिवारों की मदत करेंगे। इसी के चलते सर्वजीत ने अपने गॉंव में दुग्ध उत्पादन करने वाले परिवारों को बेहतर बाज़ार दिलाकर आमदनी बढ़ने में उन परिवारों की मदत की।

इसी का नतीजा है कि वाई फॉर डी नामक फाउंडेशन ने सर्वजीत सिंह मौर्य को 16 जुलाई को दिल्ली में आयोजित होने वाले समरोह में सम्मानित करने का फैसला किया है जहाँ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उन युवाओं का सम्मान किया जाएगा जिन्होंने अपने गॉंव-समाज की उन्नति के लिए सराहनिए कदम उठाए हैं।

सर्वजीत भी उन्हीं युवाओं मेसे एक हैं। समारोह में संस्था के ब्रांड एम्बेसडर और मशहूर अभिनेता अक्षय कुमार भी मौजूद रहेंगे।

खेती की ख़बरें अब मोबाइल पर पाना और भी हुआ आसान, डाउनलोड करें किसानख़बर की नई एप जिसमें है किसानों की लगभग हर समस्या का समाधान

 

गाँव वालों को किया इंटरनेट से रूबरू 

सर्वजीत सिंह ने अपने गॉंव को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है और अपने हुनर  क्षमता से गॉंव वासियों का जीवन स्तर बदलने की कोशिश कर रहे हैं। इतना ही नहीं सर्वजीत ने गॉंव के लोगों को बचत के लिए प्रेरित करने में, उनको इंटरनेट इस्तेमाल करने, कैशलेस लेनदेन करने, साथ-ही-साथ ऑनलाइन सेविसेस मुहैया कराने में सहायता करने में भी अपना बड़ा योगदान दिया है।
इसी के चलते सर्वजीत को युवा भारत के क्षेत्र में काम कर रही गैर सरकारी संस्था वाई फॉर डी ने नामित किया है। दुग्ध उत्पादन के लिए मशहूर वरुणा गॉंव को सर्वजीत ने समृद्धि कि नई राह दिखाई।

सर्वजीत ने बदली गॉंव वालों की जीवन शैली

एक समय था जब वरुणा गॉंव के लोगों को बाज़ार के अभाव में सौ रुपये किलो की दर पर छेना डमरुआ जाकर बेचना पड़ता था। लकिन सर्वजीत ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से काम करते हुए आठ साल पहले अपने गॉंव को दुग्ध सहकारी समिति से जोड़ा और दुग्ध संग्रहण केंद्र स्थापित कराया।
सर्वजीत ने इस सुविधा से गॉंव के साठ परिवारों को जोड़ा और उनकी आमदनी के साथ-साथ उनकी जीवन शैली भी बदल दी। इतना ही नहीं सर्वजीत सिंह ने सहज सुविधा केंद्र और गाहक सुविधा केंद्र भी बनवाया। पीएनबी में गॉंव के 1000 से ज़ादा लोगों के बचत खाते भी खुलवाए।

दस हज़ार युवाओं मेसे चुने गए सर्वजीत

कुछ समय पहले वाई फॉर डी फाउंडेशन ने यूथ इंडिया कार्यक्रम के तहत पांच वर्ग निर्धारित कर युवाओं की एंट्री मांगी थी जिसमे दस हज़ार से ज़ादा युवाओं ने नामांकन भरा। संस्था ने अपनी वेबसाइट पर वोटिंग करवाई जिसमे युवा उद्यमी वर्ग से सर्वजीत सिंह को चुना गया। सर्वजीत का इस ख़ुशी के मौके पर कहा की वे खुश हैं और यह सम्मान सिर्फ उनका नहीं बल्कि पुरे गॉंव का है।
कॉमेंट के लिए धन्यवाद। रोजाना वॉट्सअप पर ही खेती के अच्छी और काम आने वाली नई नई ख़बरों के लिए वॉट्सअप ग्रुप ज्वाइन करें और अपने बाकी साथियों को भी ज्वाइन करवायें।
ख़बर के अंत में फेसबुक बॉक्स दिया गया है, जिस पर आप इस ख़बर के बारे में अपनी राय दे सकते हैं। आपसे अनुरोध है कि इस ख़बर को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर कीजिए।

स्टोरी पर कृप्या कॉमेंट करें

One Comment

  1. […] गुजरात के बाद बिहार के नक्सली इलाके मे…गुजरात के बाद बिहार के नक्सली इलाके में भी शुरू हुई दूध क्रांति, प्रधानमंत्री मोदी खुद करेंगे दूसरी दूध क्रांति शुरू करने वाले सर्वजीत को सम्मानित […]

Leave a Reply

Your email address will not be published.

WhatsApp chat