Press "Enter" to skip to content

हैरान ! कभी आधी दुनिया पर राज करने वाले इंग्लैंड देश में भी किसान कर रहे हैं आत्महत्या, महारानी व्यस्त है अपने पौते-पोतियों के साथ, जानिए क्यों और कैसे मर रहे हैं अग्रेंज किसान

Hits: 819

इंग्लैंड – वो देश जिसका कभी आधी दुनिया पर एकछत्र राज होता था। वो देश जिसने दुनिया के लगभग हर अमीर देश को लूटकर अपना खजाना भरा और इसी लूट के पैसे से इंग्लैंड की महारानी और उनका खानदान एश की जिंदगी गुजरता है।

दुनिया के सबसे अमीर देशों में शुमार इंग्लैंड में अगर सैकड़ों किसान के आत्महत्या करने की ख़बर आए, तो निश्चित तौर पर आपको भरोसा नहीं होगा। लेकिन आज हम आपको सबूत और आंकड़ों के साथ सच्चाई का सामना करवाने जा रहे हैं।

इंग्लैंड में भी किसान आत्महत्या कर रहा है। वहां भी किसान सरकार की नीतियों और बेरूखी से दुखी है। लेकिन भारत के उलट वहां की तस्वीर ज्यादा भयानक है। यह हम आगे बतायेंगे लेकिन उससे पहले देखिए कुछ आंकड़ें।





इंग्लैंड में किसानों की आत्महत्या के आंकड़ें
इंग्लैंड में किसानों की आत्महत्या के आंकड़ें

इंग्लैंड एंड वेल्स में आत्महत्या के आंकड़ें

इंग्लैंड, वेल्स, स्कॉटलैंड और आयरलैंड को मिलाकर UK (United Kingdom) बनता है। इंग्लैंड और वेल्स में किसानों की आत्महत्या के आंकड़ें डरावने हैं।

  1. इंग्लैंड और वेल्स में आत्महत्या करने वाले सबसे ज्यादा किसानों की उम्र सिर्फ 20 से 34 साल ही है। सरकार के मुताबिक ज्यादातर आत्महत्या करने वाले किसान मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं थे। इंग्लैंड और वेल्स की सरकार आत्महत्या करने वालों का आंकड़ा उनके पेशे के हिसाब से भी रखती है। सरकार की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक
  2. किसानों की ऐसी हालत देखकर इंग्लैंड के मशहूर इंटरनेशनल रग्बी रेफरी Nigel Owens Mind Your Head नाम के  कैंपेन को अपना पूरा समर्थन दिया है। यह कैंपेन 13 फरवरी 2018 किसानों के लिए शुरु किया गया है।
  3. इससे पहले 2001 में Foot and Mouth बिमारी की वजह से सरकार ने किसानों के फॉर्म हाउस में 60 लाख जानवरों को मार डाला था। जिसकी वजह से किसानों को इतना भारी नुकसान हुआ कि वो आज तक उससे उबर नहीं पाए हैं।
  4. दूसरों को लूट अमीर बने इंग्लैंड में किसान आज से नहीं बल्कि पिछले 70 साल से आत्महत्या कर रहे हैं। 1991 की रिपोर्ट के मुताबिक 192 किसानों ने आत्महत्या की थी।
  5. 2004 से लेकर 2016 तक करीब 700 किसानों ने इंग्लैंड एंड वेल्स में आत्महत्या की है।   इसका वीडियो आप नीचे देख सकते हैं।





आत्महत्या का तरीका

29.6 % किसानों ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। जबकि कार्बन मोनोऑक्साइड 16.4 % से और 8% प्रति किसानों ने जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त की है। बाकी 46% प्रतिशत किसानों ने अलग अलग तरीकों से आत्महत्या की है।

इंग्लैंड एंड वेल्स में आत्महत्या की वजह

1. इंग्लैंड की जनसंख्या करीब 6.5 करोड़ है यानी कि भारत के गुजरात राज्य के बराबर। खेती में कुल 6,47,700 लोग नौकरी करते हैं लेकिन उनका ध्यान सब्जी, फ्रूट इत्यादि पर खेती करने के बजाय जानवरों पर ज्यादा है। जानवर यानी कि सूअर, भेड़, बिकरी इत्यादि हैं।

2. 2001 में Foot and Mouth नाम की बीमारी ने पूरे इंग्लैंड को अपने चपेट में ले लिया था। जिसकी वजह से सरकार ने 60 लाख जानवरों को मौत के घाट उतारने के आदेश दे दिए ताकि बिमारी को रोका जा सके। लेकिन किसानों को उनके जानवरों के नुकसान के हर्जाना या तो दिया नहीं गया और अगर दिया गया तो उतना नहीं जिसका नुकसान हुआ था।

3. ऐसे में रातों रात किसान भारी नुकसान और कर्ज पर आ गए। जबकि उनको पास भारत के किसानों के मुकाबले हजारों गुना ज्यादा खेती की जमीन है। इस वजह से किसानों को इतना भारी नुकसान हुआ कि वो आज तक उससे उबर नहीं पाए हैं।

4. इंग्लैंड के बहुत से इलाकों में पानी का स्तर बहुत नीचे चला गया है। लेकिन सरकार उनकी मदद नहीं कर रही है।

5. अंग्रेज किसानों के पास सैकड़ों हेक्टेयर खेती की जमीन होने के बावजूद उनको बैंक और सरकार से लोन नहीं मिल पाता है। जबकि वहां पर महंगी कार और बंगला इत्यादि के लिए 2-3% प्रति पर ही लोन मिलता है।

2001 me england me food and mouth bimari failne ke baad ka ek farm ka nazara
2001 मे इंग्लैंड food and mouth बीमारी फैलने के बाद का एक फर्म का नज़ारा





भारत की तुलना में यह आंकड़ा क्यों बड़ा है।

इंग्लैंड में कुल 214500 Farms हैं जबकि Wales में 34800 हैं। इंग्लैंड में प्रति किसान 88 हेक्टेयर और वेल्स में 44 हेक्टेयर खेत प्रति किसान के पास है। जबकि भारत में सिर्फ 5 प्रतिशत ऐसे किसान हैं जिनके पास 5 एकड़ यानी आधे हेक्टेयर से भी कम खेत है। 10 प्रतिशत के पास 2 से लेकर 5 एकड़ खेत है।

  1. भारत के किसानों के पास खेत की जमीन बहुत कम है जिस पर वो बहुत ज्यादा खेती करके बड़ी कमाई के बारे में सोच भी नहीं पाते। जबकि इंग्लैंड में खेती की जमीन प्रति किसान बहुत ज्यादा है, फिर भी वो आत्महत्या कर रहे हैं।
  2. भारत अभी विकासशील देश है जबकि इंग्लैंड विकसित देश दशकों पहले ही बन चुका था, लेकिन फिर भी वहां किसान आत्महत्या कर रहा है।

हैरत की बात ये है कि महिला किसान भी इंग्लैंड में आत्महत्या कर रही हैं।

ख़बर के अंत में फेसबुक बॉक्स दिया गया है, जिस पर आप इस ख़बर के बारे में अपनी राय दे सकते हैं। आपसे अनुरोध है कि इस ख़बर को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर कीजिए।

क्या आपको KisanKhabar.com की तरफ से खेती की अच्छी ख़बरें WhatsApp पर मिलती हैं?

View Results

Loading ... Loading ...

स्टोरी पर कृप्या कॉमेंट करें

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

WhatsApp chat