Press "Enter" to skip to content

1 हजार रूपए महीना कमाने वाला श्रीकांत आज कमाते हैं 9 करोड़ रूपए सालाना, घर के बच्चों भी डॉक्टर, इंजीनियर बनने के बजाय बन गए हैं पिता की तरह किसान

Hits: 3200

फूलों की खेती में एक छोटी सी शुरुआत करने वाले भारत के तमिलनाडु राज्य के बोलापल्ली श्रीकांत आज करोड़ों रुपये कमा रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण यह है कि श्रीकांत ने खेती को घाटे के बजाय मोटे मुनाफे वाला समझा और फिर इसे सही तरीके से करने की जानकारी जुटानी शुरु की।

उन्होंने फूलों की खेती करने से पहले आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी हासिल की। फिर इन वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को अपनी खेती में लागू किया।

नतीजा आज श्रीकांत फूलों की खेती और व्यापार में एक जाना-माना नाम बन गए हैं। आज आपको बताते हैं कि हाईटेक किसान बोलापल्ली श्रीकांत के बारे में, जिन्होंने बेहद कम समय में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश के करोड़पति किसानों में शुमार हो गए हैं।

खाकपति से करोड़पति बनने तक का सफर

तेलंगाना के एक छोटे से शहर निजामाबाद शहर से ताल्लुक रखने वाले बोलापल्ली श्रीकांत का सपना था कि वह अपनी जमीन पर खेती करें। मगर गरीबी की वजह से घर-परिवार की स्थिति ऐसी नहीं थी। हालात बिगड़ने पर श्रीकांत को अपना शहर छोड़ना पड़ा।

वह साल 1995 में बेंगलुरु अपना करियर बनाने के लिए आ गये। उस समय डोड्डाबल्लापुरा क्षेत्र के पास श्रीकांत को फूलों की खेती से जुड़ी एक कंपनी में काम मिला। उस कंपनी में उन्हें बतौर सुपरवाइजर काम मिला।

2 साल में जोड़े 24,000 रुपये

साल 1995 में श्रीकांत ने 2 साल तक ग्रीन हाउस प्रॉजेक्टस पर काम करने वाली एक कंपनी के बैंगलोर ऑफिस में काम किया। काम करते हुए फूलों की खेती के बारे में काफी जानकारी हासिल की।

उस समय श्रीकंता को महीने के 1 हजार रूपए की तनख्वाह यानी सैलरी मिलती थी। इस बीच श्रीकांत ने अपनी 2 साल की सैलरी यानी 24000 हजार रुपये से बैंगलुरु में ही फूलों का छोटा सा व्यापार शुरू किया।

श्रीकांत फसल चेक करते हुए
                                     श्रीकांत फसल की जांच करते हुए

24000 रुपये से 12 करोड़ तक का सफर

काफ़ी मेहनत और लगन के बाद श्रीकांत ने अपना दबदबा मार्किट में बना लिया था। अब उनके पास इतने पैसे जमा हो चुके थे कि वह अपनी खुद की खेती की ज़मीन ले सके। 2012 में उन्होंने 10 एकड़ जमीन खरीदी।

जमीन खरीदने के बाद उन्होंने कई तरह के फूलों की खेती शुरू की। महज़ 4 सालों में ही उनका मुनाफा इतना हो गया कि उन्होंने फिरसे 30 एकड़ जमीन खरीदी। उनके पास पहले 20 कर्मचारी काम करते थे, लेकिन आज के समय में 40 कर्मचारी जुड़ चुके है।

श्रीकांत कहते है की उनको इस सफर में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। जब वह बेंगलुरु में थे और ग्रीन-हाउस कंपनी में काम शुरू किया था। तब उनकी आय सिर्फ 1000 रुपये थी। लेकिन 1000 से 9 करोड़ तक का सफर काफी चुनौती भरा था। लेकिन वह कभी मेहनत करने से डरे नहीं और अपनी मंज़िल की और बढ़ते रहे।

 

श्रीकांत अपने फूलों के साथ
                                          श्रीकांत अपने फूलों के साथ

 

खेती के लिए इन आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाया:-

पिछले 4 साल में श्रीकांत ने जमीन पर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाया। श्रीकांत अपने खेत में इन आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हैं। जब श्रीकांत ने खेती शुरू की थी, तब उनके पास बढ़िया तकनीकी मदद नहीं थी। लेकिन उन्होंने अपना विश्वास खेती के प्रति कायम रखा और आज के समय में वह सब तरह के फूलों की खेती को अपने आधुनिक तकनीकों के साथ कर सकते है।

                                     new techniques used in his farm

अब परिवार भी जुटा खेती में

श्रीकांत के साथ अब उनकी पत्नी रागा श्रीवंथी और उनके बच्चे भी साथ देते हैं। वे उपभोक्ताओं से संपर्क करते हैं और ऑर्डर लेते हैं। इतना ही नहीं, पत्नी के अलावा अब उनके बच्चे भी खेती में ही अपनी रुचि रखते हैं और आगे जाकर उनके बच्चे भी खेती ही करेंगे। यानी वो अब इंजीनियर, डॉक्टर बनने के बजाय किसान के बच्चो के तौर पर किसान ही बनेंगे।

 

                                              परिवार का मिल रहा है साथ

 

कॉमेंट के लिए धन्यवाद। रोजाना वॉट्सअप पर ही खेती के अच्छी और काम आने वाली नई नई ख़बरों के लिए वॉट्सअप ग्रुप ज्वाइन करें और अपने बाकी साथियों को भी ज्वाइन करवायें।

 

ख़बर के अंत में फेसबुक बॉक्स दिया गया है, जिस पर आप इस ख़बर के बारे में अपनी राय दे सकते हैं। आपसे अनुरोध है कि इस ख़बर को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर कीजिए।

स्टोरी पर कृप्या कॉमेंट करें

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

WhatsApp chat