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यदि आप आलू, गेंहू और सरसों आदि की खेती में नुकसान से परेशान हो चुके हैं तो करें स्वाद में मीठी इंदिरा मिर्ची की खेती, लागत के ढाई गुना कमाई, पास की मंडियों में होती है आसानी से बिक्री

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आप आलू, गेंहू और सरसों आदि की खेती में नुकसान से परेशान हो गए हैं तो इंदिरा नाम की मीठी मिर्च की खेती करके करें अपनी जिंदगी को मीठा। आज किसानखबर.कॉम आपको ऐसे मिर्च के बारे में बताने जा रहा है जो अपने तीखेपन के लिए नही बल्कि मिठास के लिए लोकप्रिय है। पंजाब के फिरोजपुर में इंदिरा ना की मिर्च की पैदावर की जाती है जो अपने मिठास से पूरे देश में ही नही विदेशों में भी लोकप्रिय हो रही है। 
क्या है खासियत
इंदिरा मिर्च की मिठास और जल्दी उगने की क्षमता ही इसकी खासियात है। इस मिर्च की खेती तब होती है जब बाजार में अन्य मिर्ची आने बंद हो जाते हैं। इसलिए इसके पैदावर के समय बाजार गर्म रहता है।
 
बजार में मुनाफा
इस मिर्च की कीमत बाजार में अन्य मिर्चियों की तुलना में अधिक होती है। साधारण प्रणाली से खेती करने पर प्रति एकड़ 50 से 60 हजार रुपये लागत आती है और इसमें मुनाफा 1 से 1.5 लाख रुपये तक का होता है। यानि एक बीघा में खेती करने पर 10 से 12 हजार रुपये की लागत आती है और मुनाफा प्रति बीघा 20 हजार से 25 हजार तक होता है।
यदि आप पॉलीहाउस प्रलाणी से इस मिर्च की पैदावर करते हैं तो आपकी लागत 1 लाख से 1.5 लाख प्रति एकड़ होती है और मुनाफा लगभग 3 लाख से 3.5 लाख होती है।
कितना बड़ा है बाजार 
इंदिरा मिर्च आसानी से लोकल मंडी या अंर्तराष्ट्रीय मंडियों में बिक जाता है क्योंकि इस मिर्च की मांग बड़े-बड़े शहरों में अधिक होती है। मे़ट्रो सिटिज में यह आसानी से बेचा जा सकता है। इसके साथ ही इसकी बिक्री देश में ही नही विदेशों में भी होती है। बांगलादेश, श्रीलंका, चाइना जैसे कई देशों में भी होने लगी है।
कैसे क्षेत्र में हो सकती है पैदावर
इस मिर्च की खेती पंजाब के फिरोजपुर के अलावा फजिक्का और आप-पास के सीमावर्ती क्षेत्रों में होती है।
कितना लगता है समय
इंदिरा मिर्च को फलने में ढाई से तीन महीने लगता है। जनवरी में बीज बोया जाता है। 15 मार्च तक इसमें फल निकलने लगता है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक इस मिर्च का राज बाजारों में होता है।

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