Press "Enter" to skip to content

नालियों में बेकार बह जाने वाली एक चीज से होती है 6.5 गुना तक कमाई, बाबा रामदेव की पतंजलि जैसे कंपनियों में है इसकी भारी डिमांड, लागत 35 रूपए प्रति लीटर और बिक्री 100 से 225 रूपए प्रति लीटर

Hits: 878

गौमूत्र – यह शब्द सुनते ही आपके दिमाग में एक बेकार सी चीज की तस्वीर ऊभर आती होगी। लेकिन कुछ समझदार लोगों ने इस बेकार की चीज को भी करोड़ों-अरबों का कारोबार बना दिया है। पतंजलि इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। सवाल यह उठता है कि आप कैसे बेकार नालियों में बह जाने वाले गौमूत्र से अच्छी कमाई कर सकते हो। ध्यान रहे कि गौमूत्र बिजनस में 6.5 गुना तक फायदा होता है।

मात्र 35 रुपये की लागत से 200 से 250 रुपये कमाया जा सकता है। गौमूत्र का इस्तेमाल आज के दौर में भारत से ज्यादा विदेशों में होने लगा है जिसकी वजह से अचानक भारत में गौमूत्र की डिमांड बढ़ गई है। नतीजा, गौमूत्र से जुड़ा बिजनस अचानक से सुर्खियों में आ गया है। इसकी मार्केट में इतनी ज्यादा डिमांड है कि बाजार में इसी भारी किल्लत (Shortage) है, इस वजह से यह लागत का 6.5 गुना कीमत में ग्राहक को मिलता है।

खेती की ख़बरें अब मोबाइल पर पाना और भी हुआ आसान, डाउनलोड करें किसानख़बर की नई एप जिसमें है किसानों की लगभग हर समस्या का समाधान

गौमूत्र बिजनस में लागत और मुनाफा

  1. गौमूत्र से डिस्टिलेशन विधि (Distillation) द्वारा अर्क तैयार करने में प्रति लीटर लगभग 35 रुपये की लागत आती है।
  2. 100 लीटर गौमूत्र से 50 लीटर अर्क आसानी से तैयार किया जा सकता है।
  3. यदि आप थोक के भाव अर्क को बेचते हैं तो 60 से 70 रुपये प्रति लीटर आसानी से बिक जाता है।
  4. यदि आपको मुनाफा ज्यादा चाहिए तो खुदरा मार्केट में 150 से 250 रुपये प्रति लीटर बिक जाता है।
  5. गौमूत्र का इस्तेमाल अर्क के अलावा उर्वरक खाद बनाने के लिए भी करते हैं।
  6. अगर आप अर्क बनाए बिना ही शुद्ध गौमूत्र को बेचना चाहते हैं तो धार्मिक कामों के लिए भी इसे लोग खरीदते हैं और यह बिना कोई लागत लगाए 20 रूपए प्रति लीटर के हिसाब से बिक जाता है।

किस गाय की नस्ल फायदेमंद

गाय कई प्रकार की होती हैं जैसे कि जर्सी, दोगली और देसी। देसी नस्ल की गाय का दूध हमारे लिए जिस तरह फायदेमंद होता है उसी तरह गौमूत्र भी देशी नस्ल की गाय का ही फायदेमंद होता है। इसका मतलब है कि इस बिजनस के लिए देसी नस्ल की गाय ही होनी चाहिए।

क्यों हैं देश-विदेश में गौमूत्र की मार्केट में इतनी ज्यादा डिमांड

गौमूत्र में पोटैशियम, मैग्नीशियम क्लोराइड, फॉस्‍फेट, अमोनिया, कैरोटिन आदि पोषक तत्व मौजूद रहते हैं, इसलिए यह 100 से अधिक रोगों के लिए लाभकारी होता है। जोड़ों का दर्द, मोटापा, दंत रोग,  हृदयरोग, पीलिया, कब्ज या पेट फूलने पर, स्किन समस्या, गले की बीमारी के लिए दवाईयों में इस्तेमाल होता है।

कैंसर, डायबिटिज, ब्लडप्रेसर, थाइरॉइड जैसी सैंकड़ों बीमारियों के दवा बनाने के लिए गौमूत्र का इस्तेमाल किया जाता है इसलिए इसकी डिमांड देश में ही नहीं विदेशों में भी है। गौमूत्र से बने सामानों की बिक्री देश के बाजारों में ही नहीं बल्कि UK, अमेरिका, सिंगापुर जैसे देशों में भी होते हैं। गौमूत्र का अर्क बाजार में काफी महंगा बिकता है।

इतना ही नहीं, अगर गौमूत्र मिट्टी में गिर जाए या गंदा हो जाए तो भी उसका इस्तेमाल खाद बनाकर मार्केट में बेचने में किया जा सकता है। वैसे भी आजकल जैविक खाद और जैविक खेती की डिमांड दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है।

साथ ही गोमूत्र का लोग आज कल तरह-तरह की बीमारियों से बचने के लिए नियमित रूप से इसका सेवन करते हैं।





अर्क तैयार करने में क्या सावधानी बरतें

अहमदाबाद में पिछले करीब 10 साल से गोमूत्र का बिजनस बड़े स्तर पर करने वाली कंपनी Goseva के मालिक घनश्याम दास ने KisanKhabar.com को टेलीफोनिक इंटरव्यू में बताया कि अर्क तैयार करने के लिए यूरिन निकलने के 1 घंटे के अंदर गर्म कर लिया जाता है और इसे तुरंत Distillation कर लेना चाहिए। Distillation करने के बाद इसको 2 साल तक इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

यदि किसी कारण से गौशाला की जगह पर डिस्टिलेशन विधि (Distillation) का इस्तेमाल नहीं किया जा सकें, तो यूरिन को तुरंत उबालने का इंतेजाम जरूर कर लेना चाहिए। यूरिन को उबाल कर उसमें निकलने वाले झाग को खत्म किया जा सके और उसमें अमोनिया बनने का खतरा भी खत्म हो जाए। उसके कुछ घंटों के बाद Distillation भी आसानी से किया जा सकता है।

आयुर्वेद के हिसाब से ताजा गाय के यूरिन को तुरंत इस्तेमाल करना चाहिए, नहीं तो अमोनिया के बनने के बाद यह किसी काम का नहीं रहता। इसलिए इसे अर्क के रूप में बदल लम्बे समय तक इस्तेमाल के लिए बेचा जाता है।

खेती की ख़बरें अब मोबाइल पर पाना और भी हुआ आसान, डाउनलोड करें किसानख़बर की नई एप जिसमें है किसानों की लगभग हर समस्या का समाधान





अर्क बनाने की मशीन

अर्क बनाने की मशीन बाजार में आसानी से मिल जाती है। इसकी बाजार में कीमत 10 हजार से 20 हजार रुपये है। इतना ही नहीं, इस मशीन को घर में आसानी से खुद भी बनाया जा सकता है।

कहां बेच सकते हैं गौमूत्र

गौमूत्र बेचने की 3 रास्ते में:-

  1. पहला – आप खुद बाजार में रिटेल में ग्राहक को बेच सकते हैं।
  2. दूसरा – आप खुद का ब्रांड बनाकर लोगों को बाजार से थोड़ी कम कीमत पर बेच सकते हैं। या फिर ऑनलाइन भी इसे अलग अलग वेबसाइट्स के जरीए बेच सकते हैं।
  3. तीसरा – पंतजलि जैसी कंपनियों से डील करके भी इसे आसानी से बेचा जा सकता है।

गौमूत्र बेचने के लिए पतंजलि से कर सकते हैं संपर्क

भारत में पतंजलि गौमूत्र की सबसे ज्यादा बिक्री करती है और यह विदेशों में भी गौमूत्र का सप्लाय करती है। यदि आप गौमूत्र को साधारण मार्केट में नहीं बेच पा रहे हैं, तो आप पतंजलि को बेच सकते हैं।

 

नोट

1. अगर आप वॉट्सअप पर ख़बर पाना चाहते हैं तो आपके मोबाइल या लैपटॉप स्क्रीन के राइट में नीचे कॉर्नर में WhatsApp का Logo दिख रहा होगा। उस पर सिर्फ क्लिक कर दें। क्लिक करते ही हमको आपका मैसेज मिल जाएगा और आपको वॉट्सअप पर ख़बरें आना शुरु हो जायेंगी।
2. अगर आप ज्यादा लोगों को WhatsApp Group से जोड़ सकते हैं तो यहां क्लिक करें 
Tag: ark taiyar karne ke liye savdhani, gomutra ki kahan kahan hai demand

स्टोरी पर कृप्या कॉमेंट करें

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

WhatsApp chat