LOADING

Type to search

ताजा ख़बर

देश का संभवत एकमात्र अरबपति गांव जहां हर व्यक्ति है करोड़पति, कमाई है 1 अरब रूपए सालाना, कमाई का जरीया है सिर्फ खेती

Share

Hits: 4507

गांव की गरीबी और कमियों के बारे में तो आप अक्सर सुनते आ रहे होंगे लेकिन क्या कभी आपने भारत के ऐसे गांव के बारे में सुना है, जिसके सभी गांववासी करोड़ों रुपये कमाते हों। किसानखबर आज आपको उत्तर प्रदेश के ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहा है, जिसमें गांव का एक व्यक्ति नहीं, पूरा गांव ही है अरबपति।
उत्तर प्रदेश का मात्र 3500 की आबादी वाला एक गांव पूरे देश मे अपनी एक अलग पहचान बना चुकी है, जिसकी कहानी आज kisankhabar.com लेकर आया है। यह कहानी है अमरोहा जनपद के जोया विकास खंड क्षेत्र के एक छोटे से गांव की जिसका नाम है सलारपुर खालसा। आइए जानते हैं आखिर कैसे ये गांव अरबपति बना-
 
कैसे और क्यों है अरबपतियों वाला गांव
उत्तरप्रदेश में सलारपुर खालसा पूरे भारत में अपने नाम का झंडा गाड़ चुका है। इस गांव का नाम पूरे देश में छाया हुआ है और इसका कारण है टमाटर की खेती। इस गांव ने अपने साथ-साथ आसपास के गांव जमापुर, सूदनपुर, अंबेडकरनगर गांव को भी टमाटर की खेती के लिए प्रसिद्ध कर दिया है। सलारपुर खालसा गांव पिछले 17 सालों से टमाटर की खेती करके हर साल 1 अरब रुपये कमाता है। जो अपने आप में एक आश्चर्य की बात है।




देश के हर कोने-कोने में जाता है सलापुर का टमाटर
भारत का शायद ही कोई ऐसा कोना होगा, जहां पर सलारपुर खालसा गांव में पैदा हुए टमाटर ना जाते हों। इस गांव में लगातर 17 सालों से टमाटर की खेती हो रही है। यहां हर साल टमाटर की खेती का क्षेत्रफल फैलता ही जा रहा है। यहां तक की यह गांव मुरादाबाद मंडल में सबसे ज्यादा टमाटर की खेती करने वाला गांव है। व्यापार की बात करें तो यह गांव सिर्फ टमाटर की बिक्री करके पांच महीने में 60 करोड़ रुपये कमाता है।




चार गांव में 1000 हेक्टर में अकेले होती है टमाटर की खेती
मुरादाबाद में 1200 हेक्टेयर में टमाटर की खेती होती है जिसमें से अकेले सलारपुर खालसा गांव के साथ जमापुर, सूदनपुर और अंबेडकरनगर 1000 हेक्टेयर में टमाटर की खेती करता है।
 
1998 में अब्दुल रऊफ ने की थी खेती की शुरूआत
1998 में जिले में टमाटर की खेती की शुरुआत की गई थी। उस समय अमरोहा निवासी अब्दुल रऊफ ने सबसे पहले टमाटर की खेती की थी, इसके बाद टमाटर बीज व कीटनाशक बनाने वाली कंपनियों ने इस गांव की ओर रुख किया था। कंपनी के अधिकारियों ने यहां के किसानों की लगन देखकर टमाटर की खेती के लिए प्रोत्साहित करने लगे। इसके बाद कंपनियों ने कुछ किसानों को राजस्थान और बेंगलुरू में ट्रेनिंग के लिए भेजा। तब से यहां के किसान  टमाटर की खेती के जरिए नाम और पैसा कमा रहे हैं।
नोट –
1. अगर आप वॉट्सअप पर ख़बर पाना चाहते हैं तो आपके मोबाइल या लैपटॉप स्क्रीन के राइट में नीचे कॉर्नर में WhatsApp का Logo दिख रहा होगा। उस पर सिर्फ क्लिक कर दें। क्लिक करते ही हमको आपका मैसेज मिल जाएगा और आपको वॉट्सअप पर ख़बरें आना शुरु हो जायेंगी।
Tag: salarpur khalsa sabse jyda tamatar ka krta hai utpadan

स्टोरी पर कृप्या कॉमेंट करें

Tags:
Kishori Mishra

Mushroom Farming Expert

    1

3 Comments

  1. Like August 28, 2018

    Like!! Really appreciate you sharing this blog post.Really thank you! Keep writing.

  2. Likely I am likely to save your blog post. 🙂

  3. ปั้มไลค์ October 5, 2018

    I believe you have noted some very interesting details, thankyou for the post. 🙂

WhatsApp chat