Gradiant Corporation

ग्रैडिएंट कॉर्पोरेशन ने भारतीय अनुषंगी की स्‍थापना की

ताजा ख़बर

ग्रैडिएंट कॉर्पोरेशन, औद्योगिक अपशिष्‍ट जल उपचार और विलवणीकरण के लिए खोजपरक समाधानों में अग्रणी, ने आज अपनी भारतीय अनुषंगी की स्‍थापना की घोषणा की है। यह घोषणा क्षेत्र में उत्‍पादों के सफलतम व्‍यावसायीकरण के बाद की गई है। इस प्रभाग को ग्रैडिएंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का नाम दिया गया है और यह टेक्‍सटाइल प्रोसेसर्स, डाई स्‍टफ विनिर्माताओं, फार्मास्‍युटिकल कंपनियों, और अन्‍य औद्योगिक सुविधाओं के लिए जीरो लिक्विड डिस्‍चार्ज (जेडएलडी) एवं पानी की आवश्‍यकता को कम करने वाले समाधान मुहैया करायेगा।

खेती की ख़बरें अब मोबाइल पर पाना और भी हुआ आसान, डाउनलोड करें किसानख़बर की नई एप जिसमें है किसानों की लगभग हर समस्या का समाधान

खेती से जुड़े रोचक वीडियो देखने और नई चीजें सीखने के लिए Kisan Khabar के Youtube Channel के नीचे दिए गए लाल रंग के बटन पर जरूर क्लिक करें।



कृप्या फेसबुक लाइक बटन पर क्लिक जरूर करें ताकि आपको खेती की अच्छी और काम आने वाली ख़बरें आसानी से फ्री में मिल सकें।

ग्रैडिएंट इंडिया स्‍थानीय नेतृत्‍व, विक्रय एवं सेवा कर्मचारी मुहैया करायेगा जबकि उत्‍पाद विकास और अभियांत्रिकी सहयोग मूल कंपनी ग्रैडिएंट कॉर्पोरेशन के पास रहेगा। यह दृष्टिकोण देश के ग्राहकों की जरूरतों पर अपना केंद्रण सुनिश्चित करता है और नवाचार एवं बुद्धिजीवी संपदा विकास को अपने केंद्र में रखता है।

टेलीग्राम (Telegram) एप पर खेती-बाड़ी की अच्छी और काम आने वाली ख़बरें रोज फ्री में पाने के लिए ग्रुप को ज्वाइन करें।

Gradiant Corporation
Gradiant Corporation

स्‍थानीय टीम का नेतृत्‍व रवि सेल्‍वैराज प्रबंध निदेशक के तौर पर करेंगे। श्री सेल्‍वैराज को जल एवं अपशिष्‍ट जल उपचार में 30 से अधिक सालों का अनुभव है। उन्‍होंने भारत और एशिया प्रशांत क्षेत्र में प्रमुख कॉर्पोरेशंस में काम किया है।

श्री सेल्‍वैराज ने कहा, “भारत में अपशिष्‍ट जल उत्‍पादकों के लिए जेडएलडी जरूरतें धीरे-धीरे बढ़ रही हैं, ऐसे में खोजपरक समाधानों ने काफी लोकप्रियता हासिल की है क्‍योंकि देश भर में स्थित फैसिलिटीज लागत-प्रभावी विकल्‍पों की तलाश में हैं। हम ग्रैडिएंट की तकनीकों का इस्‍तेमाल कर इन मामलों को हल करने में मदद करने के लिए उत्‍साहित हैं जिनसे कई उद्योगों के लिए जल को उपचारित कर उसे दोबारा प्राप्‍त करने में होने वाला लाइफ साइकल खर्च कम होगा।”

ग्रैडिएंट कॉर्पोरेशन ने 2017 में भारत में व्‍यावसायिकरण के अपने प्रयासों को शुरु किया था। यह शुरु से लेकर अंत तक जल समाधान मुहैया करा रहा है जिसमें इसके प्रमुख ह्यूमिडिफिकेशन-डिह्यूमिडिफिकेशन सिस्‍टम शामिल हैं जोकि कैरियर गैस एक्‍सट्रैक्‍शन (सीजीई) के तौर पर विख्‍यात हैं। यह वैकल्पिक एवैपोरेटर सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण औद्योगिक अ‍पशिष्‍ट को बहुमूल्‍य जल संसाधनों में बदलने के लिए तैयार किया गया है।  यह एवैपोरेटर उपचार का खर्च करने के लिए प्रकृति के वर्षा चक्र की नकल करता है। सबसे हाल में, पारंपरिक एवैपोरेटिव तकनीकों की बजाय इस तकनीक को लाइफ- साइकल लागत और परिचालन में आसानी के आधार पर तमिलनाडु में कपड़ा उत्‍पादनसे निकलने वाले जल अपशिष्‍ट को उपचारित करने के लिए चुना गया था।

 

Gradiant Corporation
Gradiant Corporation

ग्रैडिएंट कॉर्पोरेशन के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी अनुराग बाजपेयी ने कहा,  “हमें लगातार सख्‍त हो रहे विनामकीय माहौल में जटि औद्योगिक अपशिष्‍ट जल का उपचार करने के लिए भारत में ग्राहकों के साथ भागीदारी कर गर्व महसूस हो रहा है। इस बाजार में हमारी हालिया सफलता हमारे विकास में और निवेश करने के हमारे निर्णय में एक उत्‍प्रेरक थी। हमने हमारेऑयलफील्‍ड सर्विसेज अनुषंगी की तरह समान मॉडल का अनुसरण किया। हम श्री रवि के नेतृत्‍व में ग्रैडिएंट इंडिया के लिए और अधिक भागीदारियों एवं सफलता को लेकर तत्‍पर हैं।”

ग्रैडिएंट कॉर्पोरेशन ने ग्रैडिएंट इंडिया की स्‍थापना में निवेश किया है और यह मई 201 में स्‍थानीय एवं रणनीतिक भागीदारों के साथ वित्‍त पोषण के शुरुआती राउंड को पूरा करेगी।

खेती की ख़बरें अब मोबाइल पर पाना और भी हुआ आसान, डाउनलोड करें किसानख़बर की नई एप जिसमें है किसानों की लगभग हर समस्या का समाधान

स्टोरी पर कृप्या कॉमेंट करें

Hits: 155



खेती से जुड़े रोचक वीडियो देखने और नई सीखने के लिए Kisan Khabar के Youtube Channel के नीचे दिए गए लाल रंग के बटन पर जरूर क्लिक करें।



कृप्या फेसबुक लाइक बटन पर क्लिक जरूर करें ताकि आपको खेती की अच्छी और काम आने वाली ख़बरें आसानी से फ्री में मिल सकें।



टेलीग्राम (Telegram) एप पर खेती-बाड़ी की अच्छी और काम आने वाली ख़बरें रोज फ्री में पाने के लिए ग्रुप को ज्वाइन करें।

3 thoughts on “ग्रैडिएंट कॉर्पोरेशन ने भारतीय अनुषंगी की स्‍थापना की

Comments are closed.