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बिहार में खोजी गई मखाने को तालाब के बजाय खेतों में पैदा करने की नई तकनीक, कम लागत और ज्यादा मुनाफे वाली मखाने की खेती अब बिहार के बाद यूपी में भी हुई शुरु

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मखाना तालाब से निकलकर पहुंचा खेतों में

कृषि वैज्ञानिकों की मदद से बिहार का प्रसिद्ध मखाना अब उत्तर प्रदेश में भी दस्तक देने जा रहा है। तेजी से बढ़ती आबादी और घटती तालाबों की संख्या के बाद दरभंगा के कृषि वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक खोजी है, जिसकी मदद से अब खेतों में भी बड़ी आसानी से मखाना की खेती की जा सकती हैं।

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल, तराई और मध्य यूपी के कई ऐसे इलाके हैं, जहां पर खेतों में साल भर पानी भरा रहता हैं। ऐसे इलाको में मखाने की खेती करना किसानों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकते हैं। मखाने की खेती के लिए खेत में 6 से लेकर 9 इंच तक पानी जमा होना चाहिए।

 

Fox Nut farming in India and Bihar
Fox Nut farming in India and Bihar



मखाने की खेती और प्रयोग

मखाने के बारे में बताते हुए पटना के मखाना अनुसंधान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विनोद कुमार ने कहा, कि पांच साल पहले बिहार के मधुबनी में एक ऐसा प्रयोग हुआ जिसमें तालाब के बगेर खुले खेत में मखाना की खेती पर बल दिया गया था। इस प्रयोग से खेत में मखाना की अच्छी पैदावार भी हुई थी। उसके बाद से ही बिहार के कई जगहों पर खेतों में मखाना उगाया जा रहा हैं।

कृषि वैज्ञानिक के प्रयासो के बाद आज फैजाबाद के रूदौली तहसील क्षेत्र के भेलसर में मखाना की खेती की शुरूआत हो चुकी है। यहां पर स्वर्ण वैदेही प्रजाति वाले माखाना की खेती की जाती हैं। माखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर सभंव प्रयास कर रही हैं।

मखाना केवल भारत देश में ही नहीं विदेशो में भी काफी लोकप्रिय हैं। लिहाजा देश के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसकी बहुत ज्यादा मांग है। मखाना की खेती भारत के अलावा चीन, जापान, कोरिया और रूस में की जाती है। देश में बिहार के दरभंगा और मधुबनी में सबसे ज्यादा मखाना की खेती की जाती है।




मखाना से सेहत को लाभ

मखाना एक पाचक भोजन पदार्थ है, और इसके औषधीय गुणों के कारण इसको अमेरिकन फूड प्रोडक्ट एसोसिएशन ने क्लास वन फूड का दर्जा दिया हुआ है। मखाना में एंटी आक्सीडेंट की मात्रा ज्यादा होती हैं इस कारण यह ब्लड प्रेशर, कमर एवं घुटनों का दर्द को काफी हद तक कम करने में लाभदायक होता हैं। इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइडे्रट, वसा ओर कैल्सियम, और विटामिन बी भी पाया जाता है।

Fox Nut farming in India and Bihar
Fox Nut farming in India and Bihar




कम लागत वाली मखाने की व्यावसायिक खेती पर सरकार का जोर

पूरे भारत में 13 हजार हेक्टेयर में मखानों की खेती की जाती है। बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल, असम,उड़ीसा, जम्मू कश्मीर, मणिपुर और मध्य प्रदेश में मखाना की खेती की जाती हैं। हालांकि अभी तक बिहार ही ऐसा एक मात्र राज्य है जहां मखाना की व्यवसायिक रुप से खेती की जाती है। केन्द्र और बिहार सरकार दोनों मिल कर राज्य में इसकी खेती को बढ़ावा देने के लिए हर तरीके से प्रयास कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश देश का एक बड़ा राज्य हैं, लिहाजा यहां पर बड़ी संख्या में तालाब होते हैं, वहां के किसान अकसर इन तलाबों में मछली पालन जैसा काम करते हैं। लिहाजा ऐसे जगह पर मखाना की खेती काफी हद तक संभव और सरल होती है।

मखाना की खेती की सबसे बड़ी विशेषता यह भी है कि इसमें खेती के वक्त लागत बहुत कम आती है। मखाना की खेती के लिए वह जगह सबसे अच्छी कही जाती हैं जहां तालाब या जल जमाव बड़ी आसानी से हो सके।

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