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ग़जब की जानकारी है ये तो। Non-Veg (मांसाहारी) कीटों को पालोगो तो शाकाहारी कीट नहीं पहुंचायेंगे नुकसान, बढ़ेगा कई गुना उत्पादन और होगा मोटा लाभ। पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट। Video देखें

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जैसे हर इंसान अच्छा या हर इंसान बुरा नहीं होता है। वैसे ही हर कीट भी फसलों के लिए दुश्मन नहीं होता है। कई कीट हैं जो फसलों के बहुत अच्छे दोस्त होते हैं। इसलिए हर कीट को दुश्मन समझकर अगर आप कीटनाशकों के जरीए मार रहे हैं तो आप खुद का ही नुकसान कर रहे हैं।

कौन है ये Non-Veg (मांसाहारी) कीटखेत में जिन कीटों को देखते हैं वो दो तरह के होते हैं।

एक होते हैं शाकाहारी यानी जो सीधे आपकी फसल पर अटैक करते हैं और उनके खाकर आपको भारी नुकसान पहुंचाते हैं। इन्हीं से बचने के लिए किसान आंध बंद करके कीटनाशकों का इस्तेमाल करते हैं और खुद ही अपनी फसल को कीटों से भी ज्यादा नुकसान कीटनाशकों के छिड़काव से कर बैठते हैं।




दूसरे तरह के कीट मांसाहारी होते हैं यानी ये रहते तो आपकी फसलों पर ही हैं लेकिन फसल का ना खाकर शाकाहारी कीटों को खाते हैं और अपना पेट भरते हैं। लेकिन अनजाने में किसान कीटनाशकों को छिड़काव करके इनको भी मार डालते हैं। नतीजा, आपको 5 बड़े नुकसान होते हैं।

  1. शाकाहारी कीटों को मारने के चक्कर में मांसाहारी कीटों (जो कि फसलों के दोस्त हैं) को भी मार दिया जाता है।
  2. मांसाहारी मर जाते हैं तो शाकाहारी मजे से आपकी फसल को खा जाते हैं।
  3. इनको मारने के लिए कीटनाशकों खरीदने पड़ते हैं।
  4. कीटनाशक इस्तेमाल होते हैं तो कीटों को तो मार देते हैं लेकिन खेत की मिट्टी को लंबे समय के लिए नुकसान पहुंचाते रहते हैं। मिट्टी में कई छोटे कीट होते हैं जो फसल के लिए मिट्टी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी होते हैं। लेकिन कीटनाशक के इस्तेमाल से वो मर जाते हैं।
  5. मांसाहारी कीटों के मरने से फसला के उत्पादन पर खराब असर पड़ता है।

कैसे पता चले कि कौन कीट दोस्त है और कौन दुश्मन

 

वैसे तो ये बहुत बड़ा विषय है जिस पर अलग से एक आर्टिकल आएगा। लेकिन अगर सफेद मक्खी का उदाहरण लें तो इससे जरीए आपको दोस्त और दुश्मन की पहचान करने का तरीका आसानी से समझ आ जाएगा।




पहला उदाहरण कुछ ऐसे शाकाहारी कीट हैं जो पौधे के पत्तों में सुराख कर देते हैं। इस सुराख से सूरज की रौशनी पौधे के नीचे पत्तों तक आसानी से पहुंच जाती है। इससे पौधे का सही और रफ्तार से विकास होता है। दूसरी तरफ ब्रिस्टल बीटन (तेलन) नाम का एक शाकाहारी कीट होता है जो कपास की फसल पर पर-परागण का काम करता है। यह कीट फसल को फायदा ही पहुंचाता है।

दूसरा उदाहरणअगर आपको फसल पर सफेद मक्खी दिखे तो उसे तुरंत कीटनाशकों से ना मारे। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक अगर एक पत्ते पर 1 से लेकर 5 की संख्या तक सफेद मक्खियां बैठी हैं, तो ये आपकी फसल के लिए खतरा नहीं है। लेकिन अगर ये संख्या 6 या 6 से ज्यादा हो जाती है ये फसल को नुकसान पहुंचाना शुरु कर देती हैं।

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