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बहुत ही आसानी से सिर्फ 1 हफ्ते में मुफ्त में घर पर ही बनाएं ‘मटका खाद’, मटका खाद के 6 बड़े फायदे, मटका खाद से बढ़ता है उत्पादन और घटती है लागत (Video देखें)

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रिपोर्ट – अर्चना सिंह

अगर आप पेस्टिसाइट इस्तेमाल करना नहीं चाहते, खेत की मिट्टी की उपजाऊ ताकत बढ़ाना चाहते हैं या फिर फसल का उत्पादन बढ़ाना चाहते हैं, तो इन सभी सवालों का सिर्फ एक ही जवाब है मटका खाद इसका नाम जरूर देसी है लेकिन इसके फायदे किसी भी देसी-विदेशी खाद या खेत की उपजाऊ ताकत बढ़ाने वाले उत्पाद से कम नहीं हैं।

इसको बनाना जितना आसान है उतना ही आसान इसका इस्तेमाल करना भी है।




मटका खाद से जुड़ा सवाल इंदौर के एक किसान ओम प्रकाश ने किसानख़बर.कॉम के सवाल जवाब सेक्शन में पूछा था। क्या था वो सवालये जानने के लिए यहां क्लिक करें।




 

फायदे 

  1. ये पूरी तरह से जैविक होता है।
  2. इससे खेत की मिट्टी में उन जिवाणुओं की संख्या तेजी से बढ़ती है जो फसल का उत्पादन बढ़ाने में मदद करते हैं।
  3. जिस फसल में इसे डाला जाता है, उसकी वृद्धि तेजी से होती है।
  4. इससे खेती की मिट्टी की उर्वरा शक्ति और उत्पदान दोनों बढ़ते हैं।
  5. मटका खाद का इस्तेमाल करने पर रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल बहुत कम करना होता है। यानी फसल की लागत घट जाती है।
  6. जो फसल पैदा होती है उसकी Quality ज्यादा अच्छी होती है।

मटका खाद बनाने के लिए क्या क्या सामान चाहिए

  • देशी गाय का मूत्र 15 लीटर
  • गाय का 15 किलो ग्राम ताजा गोबर
  • 15 लीटर साफ पानी
  • 250 ग्राम गुड़
  • प्लास्टिक का एक बडा ड्रम
  • एक बड़े साइज का मटका जिसमें करीब 30 से 40 लीटर का घोल आ जाए।

खाद बनाने का तरिका

  1. सबसे पहले 15 लीटर पानी में 250 ग्राम गुड़ मिलाकर उसका घोल तैयार करें
  2. फिर पानी और गुड़ से बने इस घोल में गौमूत्र भी डाल दें और अच्छे से मिक्स करें।
  3. इसके बाद इस मटके में 5 किलो ग्राम गोबर, 5 लीटर गौमूत्र और 1 तिहाई गुड़ भी डालकर घोल को अच्छे से मिक्स कर दें। घोल को अच्छे से मिक्स करने के लिए एक लकड़ी लेकर उसे मटके में डालें और पहले दाएं से बाएं और फिर बाएं से दाएं 2-3 मिनट तक घुमाएं।
  4. फिर थोड़ा रूकने के बाद दोबारा से लकड़ी से इसके करीब 5 मिनट तक दाएं से बाएं और फिर बाएं से दाएं घुमाएं।
  5. इसके बाद मटके का मुंह बंद कर दें। मटके के ढक्कन पर गोबर या मिट्टी का लेप लगा दें।
  6. मटके को ढकने के बाद इसे 7 से 10 दिन तक के लिए किसी छावदार जगह पर रख दें। इस दौरान खाद तैयार हो जाएगी।
  7. 7 से 10 दिन बाद जब मटके को खोलने के वक्त आए, तो एक ड्रम में 150 लीटर साफ पानी भर लें। फिर इसमें मटके में बनी रखी खाद को मिला दें और इसके अच्छे से मिक्स कर लें। इस घोल को करीब 30 मिनट तक दाएं से बाएं और बाएं से दाएं घुमाने के बाद ही यह अच्छे से मिक्स हो पाता है। अब आपकी मटका खाद खेत में छिड़काव के लिए तैयार है।




खेत में कैसे करें इसका छिड़काव

  1. 1 बीघा खेत में 30 लीटर मटका खाद 200 लीटर पानी में मिलाकर फसल की जड़ो के पास छिड़काव करें
  • अनाज वाली फसलों में विजाई के 25वें दिन, 50वें दिन और 70वें दिन पर पानी में मिलाकर ही इसका छिड़काव करें
  • इस बात का ध्यान रखें कि खेत में छिड़काव करते वक्त नमी होनी जरुरी है।

कब करें छिड़काव

  • पहला छिड़काव बुआई से 2 दिन पहले करें
  • दूसरा छिड़काव बुआई के 56 से 60 दिन के बीच करें।
  • तीसरा छिड़काव दूसरें छिड़काव के दो दिन बाद करें यानी अगर आपने दूसरा छिड़काव 60वें दिन किया है तो तीसरा छिड़काव 62वें दिन करें।

एक बता का सबसे ज्यादा ध्यान रखें कि मटका खाद का इस्तेमाल इसे बनाने के दो दिन के अंदर ही कर लेना जरूरी है। इसे बनाकर रखने के कई दिनों बाद अगर इस्तेमाल किया जाता है तो इसके मनमाफिक परिणाम मिलना मुश्किल होता है।

ये भी पढ़ें – खेत की मिट्टी की ताकत बढ़ाने के और क्या क्या रास्ते हैं।

Tag : matka khad kaya hoti hai, matka khad kaise banti hai, matka khad banane ki vidhi kaya hai, matka khad ke faayde kaya hain
वीडियो साभार – डीजिटल ग्रीन 




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