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अब सिर्फ एक कॉल पर पाएं ट्रैक्टर और खेती की महंगी मशीनें किराए पर, काम पूरा होने के बाद दें पैसे

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Trringo by Mahindra

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खेती की ख़बरें अब मोबाइल पर पाना और भी हुआ आसान, डाउनलोड करें किसानख़बर की नई एप जिसमें है किसानों की लगभग हर समस्या का समाधान

महेंद्रा कंपनी ने लांच किया Trringo

सरकारी आकड़ों के मुताबिक देश में 85 प्रतिशत किसान छोटे किसान हैं यानी इनके पास 5 एकड़ (25 बीघा) से भी कम जमीन है। इनमें से बहुत बड़ी संख्या ऐसे किसानों की है जिनके पास ना तो खुद का ट्रैक्टर हैं और ना ही वो खेती की महंगी मशीनों को खरीद सकते हैं। खेती के लिए छोटे किसानों को ये सभी मशीनें अपने आसपास के बड़े किसानों से या तो किराए पर लेनी पड़ती हैं या फिर वो इनके बीना ही जैसे तैसे जुगाड़ सिस्टम से खेती करते हैं। किसानों की इसी परेशानी को महेंद्रा एंड महेंद्र कंपनी ने समझा और अपना नया वेंचर Trringo लांच कर दिया।




क्या है ट्रिंगो (Trringo)

Trringo

Trringo

ट्रैक्टर बनाने वाली बड़ी कंपनियों में शुमार महेंद्र एंड महेंद्र कंपनी ने ट्रिंगो नाम से एक नई कंपनी लांच की है। इसके टोल फ्री नंबर पर किसान फोन करके खेती के लिए ट्रैक्टर, कल्टीवेटर और खेती की बाकी महंगी मशोनों को बुक कराकर किराए पर ले सकते हैं। ये भारतीय खेती की दुनिया में एक क्रांतिकारी शुरुआत है, जिसे बड़ी ही खामोशी के साथ महेंद्रा कंपनी ने शुरु किया है।

बुकिंग का तरीका

ट्रिंगो (Trringo) की सेवा लेने के लिए किसान 3 तरह से बुकिंग करवा सकते हैं। टोल फ्री नंबर पर कॉल करके, नजदीकी हब यानी सेंटर में जाकर और मोबाइल एप के जरीए। फिलहाल पहले दो ऑप्शन उपलब्ध हैं। मोबाइल एप के जरिए बुकिंग की सुविधा भी 2016 के अंत तक उपलब्ध हो जाएगी। टोल फ्री नंबर पर किसान अपने राज्य की भाषा में बात कर सकते हैं। (जिन किसानों को ट्रिंगो का टोल फ्री नबंर चाहिए वो कृप्या अपना पूरा नाम, शहर, गांव और मोबाइल नंबर लिखकर kisankhabar@gmail.com पर ईमेल कर दें।)

क्या बुकिंग के लिए एडवांस देना होगा?

Trringo

Trringo

अच्छी बात ये है कि बुकिंग के लिए किसान को कोई एडवांस नहीं देना होगा। खेत पर मशीन द्वारा काम पूरा होने के बाद ही किसान को पैसे देने होंगे।

किसान जैसे ही कॉल सेंटर पर कॉल करके बुकिंग करवाएगा, तुरंत किसान के मोबाइल पर बुकिंग की सूचना आ जाएगी। मशीन या ट्रैक्टर लेकर आने वाला ड्राइवर आने से पहले किसान को फोन करके दोबारा बुकिंग को कन्फर्म करेगा। अगर किसान चाहे तो उसी समय फोन पर ही बुकिंग कैंसिल कर सकता है। बुकिंग कैंसिल होने पर कोई फीस या पेनल्टी भी नहीं देनी होगी।




मशीनों का किराया क्या होगा

हर मशीन का घंटे के हिसाब से हर राज्य और शहर में अलग अलग रेट है, जिसकी पूरी जानकारी ट्रिंगो के कॉल सेंटर में फोन करके ली जा सकती है।

ट्रिंगो के सीईओ अरविंद कुमार के मुताबिक कंपनी ने मशीनों और ट्रैक्टर के रेट्स को बाजार के भाव के हिसाब से रखा है, ताकि किसानों को ये सेवा महंगी ना लगे। जिस शहर में जो रेट है उसी के आसपास का रेट ट्रिंगो का है।

किन किन राज्यों में चल रही है ये सेवा

इसी साल मार्च 2016 में शुरु की गई ये सेवा फिलहाल देश के 5 राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान में चल रही है। कर्नाटक में ट्रिंगो ने ये सेवा हाल ही में शुरु की है।

सीईओ अरविंद कुमार के मुताबिक कर्नाटक में इस सेवा के लिए कंपनी ने राज्य सरकार के साथ MOU साइन किया है, जबकि मध्य प्रदेश सरकार के साथ इसी तरह के MOU पर सहमति बन चुकी है। MOU साइन होने से किसानों को ट्रिंगों से सेवा सस्ती दर पर मिलेगी, साथ ही ट्रिंगों की फ्रेंचाइजी लेने वाले किसानों को भी सरकारी सब्सिडी पर हब खोलने में बड़ी मदद मिलेगी।




ट्रिंगो को पहले 2 साल तक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर गुजरात में लांच किया गया था। वहां अच्छे परिणाम मिलने के बाद इसे फिर देश के बाकी राज्यों में लांच करने की शुरुआत हुई।

ट्रिंगो से किसान कमाई कैसे कर सकते हैं

ट्रिंगो कंपनी का बिजनस मॉडल फ्रेंचाइजी है यानी गांव-देहात में किसानो को ट्रिंगो के हब (सर्विस सेंटर या स्टोर) खोलने के अधिकार दिए जा रहे हैं। फिलहाल देश के 5 राज्यों में 64 हब खुल चुके हैं। कर्नाटक में कुल 101 स्टोर खोले जाने की योजना है।

कौन किसान, कैसे, कहां, कब और कीमती लागत में ट्रिंगो की फ्रेंचाइसी ले सकता है, किसान को हब से कितनी कमाई होगी, कितनी जमीन चाहिए इत्यादि फ्रेंचाइजी से जुड़े सवालों के जवाब जानने के लिए यहां क्लिक करें और पूरी जानकारी पढ़ें

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Vandana Singh

वंदना सिंह को पत्रकारिता का 10 साल का अनुभव है

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2 Comments

  1. Like September 18, 2018

    Like!! Thank you for publishing this awesome article.

    Reply
  2. It is in reality a great and useful piece of info. Thanks for sharing. 🙂

    Reply

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