पूर्वोतर राज्यों में भी चली खेती की बयार, पहाड़ों पर खेती करने वाले भी कर रहे हैं अच्छी कमाई

ताजा ख़बर नई तकनीक नौकरी या खेती सरकारी योजना

खेती की ख़बरें अब मोबाइल पर पाना और भी हुआ आसान, डाउनलोड करें किसानख़बर की नई एप जिसमें है किसानों की लगभग हर समस्या का समाधान

सिक्किम के लेपचा ने लिखी सफलता की नई कहानी

खेती में सफलता की कहानियां सिर्फ मैदानी इलाकों यानी यूपी, एमपी,बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात जैसे राज्यों के युवा किसान ही नहीं लिख रहे बल्कि पहाड़ी इलाकों वाले राज्य सिक्किम, असम भी इस दौड़ में शामिल हैं

खेती से जुड़े रोचक वीडियो देखने और नई चीजें सीखने के लिए Kisan Khabar के Youtube Channel के नीचे दिए गए लाल रंग के बटन पर जरूर क्लिक करें।



कृप्या फेसबुक लाइक बटन पर क्लिक जरूर करें ताकि आपको खेती की अच्छी और काम आने वाली ख़बरें आसानी से फ्री में मिल सकें।

दिल्ली के मुर्निका इलाके में अगर आप चले जाएं, तो आपको ऐसा लगेगा कि मानो नॉर्थ ईस्ट भारत के किसी राज्य में आ गए है। यहां आपको लगभग 90 प्रतिशत लोग नॉर्थ ईस्ट राज्यों के ही मिलेंगे जो ट्रेन में करीब 2 से ढाई दिन का सफर कर नौकरी की तलाश में दिल्ली आते हैं।

टेलीग्राम (Telegram) एप पर खेती-बाड़ी की अच्छी और काम आने वाली ख़बरें रोज फ्री में पाने के लिए ग्रुप को ज्वाइन करें।




Lepcha from Sikkim - Succesful Farmer1
Lepcha from Sikkim – Succesful Farmer

लेकिन सिक्किम के 26 साल के युवा किसान नीम तशेरिंग लेपचा इस भीड़ से बिल्कुल अलग हैं। लेपचा ने ये साबित कर दिया कि पहाड़ों में भी खेती से अच्छी कमाई की जा सकती है।

लेपचा आजीविका के लिए अपने दो हैक्टर खेत में पारंपरिक खेती करते थे। बहुत मेहनत के बाद भी कम उत्पादन की वजह से आय कुछ खास नहीं थी। लेकिन लेपचा ने ICAR के सिक्किम स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र जाकर नए जमाने की खेती की जानकारी लेने का फैसला लिया और अब उस फैसल की वजह से उनको अपने बाकी साथियों की तरह पैसे कमाने के लिए अपना राज्य छोड़कर दिल्ली आने की जरूरत नहीं है।




ICAR से मिली तकनीकी मदद ने बदली किस्मत

लेपचा का खेती के जरिए अपनी जिंदगी बेहतर करने के ICAR और राष्ट्रीय जलवायु समुत्थानशील कृषि नवाचार (एनआईसीआरए NICRA) से काफी अच्छी मदद मिली।

Lepcha from Sikkim - Succesful Farmer2
Lepcha from Sikkim – Succesful Farmer

केवीके द्वारा दिये गए सहयोगों में प्रमुख रूप से जलकुंड बनाने के लिए एग्री-पॉलीथीन शीट (250 जीएसएम), सूक्ष्म वर्षाजल एकत्रण संरचना, सब्जी की क्रमबद्ध खेती के लिए कम लागत वाली प्लास्टिक की पाईप (पारदर्शक 45 जीएसएम यूवी स्थिर शीट), चावल की फसल के पश्चात बिना जुताई के खेती के लिए मटर (टीएसएक्स-10) की बीज, उन्नत मक्का किस्म आरसीएम 1-1 और उन्नत चावल किस्म आरसीएम 10, आंगन में मुर्गी पालन के लिए ‘वनराजा’ किस्म तथा चारा उत्पादन के लिए नेपियर संकर इत्यादि शामिल हैं।

इसके साथ ही वैज्ञानिक प्रबंधन विधियों के तहत ग्रास कार्प और कॉमन कार्प, दूधारू गाय में संकर जर्सी और बड़ी इलायची की सावनी और वारंलांगी किस्मों की खेती की ट्रेनिंग मिली।

सब्जियों में बंदगोभी, फूलगोभी किस्म सुहासिनी, ब्रोकोली किस्म एवरेस्ट, टमाटर किस्म अर्का सम्राट, धनिया की किस्म सुपर मिडोरी की भी ट्रेनिंग दी गई।

ये सभी सुविधाएं और ट्रेनिंग मिलने के बाद लेपचा ने सुपर मिदोरी, पालक, चायनीज सफेद मूली की खेती क्रमबद्ध तरीके से कम लागत वाले प्लास्टिक टनल में खेती की। 5 मी x 4 मी. x 1.5 मी. (क्षमता 30,000 ली.) आकार के जीवन रक्षक जलकुंड का भी निर्माण किया गया।

कमाई पहले कितनी थी और अब कितनी हो गई

Whatsapp Farmers NetworkICAR, NICAR की मदद और लेपचा की मेहनत की नतीजा ये रहा कि लेपचा की कमाई अब पहले के मुकाबले कई गुना हो गई। अब लेपचा का प्रॉफिट 4,15,050/रु. है। किससे कितनी कमाई हुई ये जानकारी नीचे दी गई है।

  1. [(चावल की खेती (25 हैक्टर) = 8000 रु.
  2. मक्का उत्पादन से (25 हैक्टर) = रु. 9,500
  3. क्रमबद्ध सब्जी उत्पादन (सत्र/वर्ष) प्लास्टिक टनल (05 हैक्टर) के तहत = 1,50,000 रु.
  4. रबी की सब्जियों (शून्य जुताई विधि से मटर और अन्य फसल 15 हैक्टर की खेती में) = 12,500 रु.
  5. बड़ी इलायची उत्पादन (25 हैक्टर) = 45,000 रु.
  6. दूध उत्पादन (2,880 लीटर/वर्ष) = 75,800रु.
  7. आंगन में मुर्गीपालन (वजराजा, संख्या-100) = 63,750 रु.
  8. मात्स्यिकी (संख्या-500, ग्रास कार्प और कॉमन कार्प) = 50,500 रु.
  9. पारंपरिक खेती प्रणाली द्वारा से कमाई 1,65,000 रु.

इस सफलता के बाद लेपचा न केवल अपने गांव के किसानों बल्कि पूर्वी सिक्किम के किसान समुदाय के लिए एक आदर्श हैं। नजदीक के गांवों के प्रधान इस उदाहरण से प्रेरित होकर किसानों को जैविक खेती प्रणाली अपनाने के लिए बढ़ावा दे रहे हैं।

इस लेख के बारे में आपके जो भी विचार है वो आप नीचे कॉमेंट बॉक्स में लिखने सकते हैं।

खेती की ख़बरें अब मोबाइल पर पाना और भी हुआ आसान, डाउनलोड करें किसानख़बर की नई एप जिसमें है किसानों की लगभग हर समस्या का समाधान

[wp-like-lock] your content [/wp-like-lock]

[facebook_likebox url=”http://www.facebook.com/kisankhabar” width=”300″ height=”200″ color=”light” faces=”true” stream=”false” header=”false” border=”true”]

फूलों से 9 करोड़ सालाना कमाई वाला किसान | Shrikant kamate hain kheti se 9 crore annual | kisankhabar

Story क्या है--फूलों की खेती की पोपुलेरिटी बढ़ती ही जा रही है। श्रीकांत नाम के एक युवा किसान भाई खेती से 9 करोड़ रूपए सलाना कमाते हैं। वीडियो में देखिए कैसे होता है ये सब।#flowersfarming #richfarmer #kisan #kisankhabar #agriculture #farming #modernfarming #moderntechnology #farmingtechnology #agriculturefarms #farmingmachine #किसान #गांव #खेतीनीचे दी गई Top प्लेलिस्ट में आपके काम आने वाले एक तरह के सभी वीडियोज़ को अलग अलग ग्रुप में रखा गया है। जैसे कि खेती की ट्रेनिंग से जुड़े वीडियोज़ 'Training ट्रेनिंग ‘ नाम के ग्रुप (प्लेलिस्ट) में मिलेंगे औऱ खेती में जुगाड़ तकनीक वाले वीडियोज़ 'जुगाड़ तकनीक ‘ नाम के ग्रुप (प्लेलिस्ट) में मिलेंगे।खेती में समस्या का समाधान Solution of Agri problems = http://tiny.cc/stem7yKaise Karein कैसे करें How to do = http://tiny.cc/4xem7y Mushroom मशरूम की खेती = http://tiny.cc/bwem7yखेती में नई तकनीक Agriculture Technology = http://tiny.cc/9wem7yTraining ट्रेनिंग = http://tiny.cc/tuem7yDrip Irrigation ड्रिप इर्रिगेशन pani dene ke drip ka Tarika = http://tiny.cc/nyem7y

खेती की जुताई करने वाली नई मशीनें Latest Crop Cultivation Local system = http://tiny.cc/7yem7yबीज बौने या पौधा लगाने वाली नई तकनीक Latest Cultivation Machines = http://tiny.cc/lzem7yफसल की कटाई वाली हैर New Harvesting Machines = http://tiny.cc/2zem7yखेती में चौंकाने वाले प्रयोगों (एक्सपेरीमेंट) के वीडियोज़ = http://tiny.cc/20em7yसफल किसानों की कहानी का वीडियो Successful Farmers = http://tiny.cc/k1em7yदवा छिड़कने वाली मशीनें Spraypump = http://tiny.cc/51em7yजुगाड़ तकनीक Jugaad Technology = http://tiny.cc/0nem7y ड्रोन का खेती में इस्तेमाल Drone in farming = http://tiny.cc/ppem7yपशुपालन Pashupalan = http://tiny.cc/nqem7yट्रैक्टर Tractor = http://tiny.cc/4qem7yगांव में प्रतिभा Village Talent = http://tiny.cc/9tem7yकिसानख़बर KisanKhabar Bulletin = http://tiny.cc/qwem7yविदेशीखेती farming in Foreign = http://tiny.cc/hxem7yखेती में धोखे से सावधान Beware from Fraud in Farming = http://tiny.cc/t0em7yकृप्या हमारे Youtube चैनल को जरूर सब्सक्राइव करें, ताकि आपको हिन्दी भाषा में ऐसे अच्छे वीडियोज़ के मैसेज मोबाइल पर तुरंत मिलते रहे। कृप्या वीडियो को लाइक जरूर कीजिए।1. अगर आपकी जानकारी में ऐसा भी किसान भाई है जो खेती में ऐसा ही कुछ नया कर रहे हैं, तो कृप्या हमको WhatsApp +91.78.2753.8391 पर संपर्क करें।2. अगर ऐसे ही खेती के काम आने वाले रोचक वीडियो आपके पास हैं, तो हमको अपनी और मशीन की पूरी जानकारी के साथ WhatsApp +91.78.2753.8391 करें।====== Social Media A/CsYoutube Channel - https://www.youtube.com/kisankhabarpageFB - https://www.facebook.com/kisankhabarTwitter - https://www.twitter.com/kisankhabarWebsite - https://www.kisankhabar.comAndriod App - http://tiny.cc/ffal7y===== क्या है किसानख़बर.कॉम (KisanKhabar.com) दुनिया की एकमात्र ऐसी वेब, एप और यूट्यूब चैनल हैं, जहां पर खेती से जुड़ी सिर्फ अच्छी खबरों को ही दुनिया के सामने लाया जाता है। किसानों से जुड़ी कुल 14 तरह की समस्याओं का समाधान किसानखबर.कॉम (www.kisankhabar.com) पर मिलता है।KisanKhabar.com is the only portal in Hindi which brings positive news from agriculture field from India and abroad.It brings successful stories of people in farming and tells about new technology in the agriculture field. Apart from this, KisanKhabar.com gives complete details about "how to do" anything in the agriculture field.If you have any interesting story related to farmers/farming/ farming technology etc, please send us to - kisankhabar@gmail.comContact on Phone +91.78.2753.8391 =====

स्टोरी पर कृप्या कॉमेंट करें

Hits: 1410



खेती से जुड़े रोचक वीडियो देखने और नई सीखने के लिए Kisan Khabar के Youtube Channel के नीचे दिए गए लाल रंग के बटन पर जरूर क्लिक करें।



कृप्या फेसबुक लाइक बटन पर क्लिक जरूर करें ताकि आपको खेती की अच्छी और काम आने वाली ख़बरें आसानी से फ्री में मिल सकें।



टेलीग्राम (Telegram) एप पर खेती-बाड़ी की अच्छी और काम आने वाली ख़बरें रोज फ्री में पाने के लिए ग्रुप को ज्वाइन करें।

28 thoughts on “पूर्वोतर राज्यों में भी चली खेती की बयार, पहाड़ों पर खेती करने वाले भी कर रहे हैं अच्छी कमाई

  1. 974632 244908hey was just seeing should you minded a comment. i like your internet site and the theme you picked is super. I is going to be back. 168179

  2. 8065 647097Hi there! Someone in my Myspace group shared this web site with us so I came to give it a look. Im certainly loving the details. Im bookmarking and will likely be tweeting this to my followers! Outstanding blog and fantastic style and design. 484388

  3. 30621 708105Naturally I like your web-site, even so you require to check the spelling on several of your posts. Numerous of them are rife with spelling problems and I find it really silly to inform you. On the other hand I will surely come once more again! 50414

  4. 118999 335517Hi, you used to write superb articles, but the last several posts have been kinda boring I miss your tremendous posts. Past few posts are just just a little out of track! 688339

  5. 378849 609469Hmm is anyone else experiencing difficulties with the images on this blog loading? Im trying to find out if its a dilemma on my finish or if it is the weblog. Any responses would be greatly appreciated. 883320

Leave a Reply

Your email address will not be published.