नमक बता देता है कि बीज खराब है या अच्छा, बीज को लगाएं पल्स पोलियों की तरह टीका और पाएं रोगमुक्त बीज, Step by Step पूरी विधि जानें।

इलाज कैसे करें ताजा ख़बर नई तकनीक

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अक्सर आपने देखा होगा कि आप बीज बाजार से खरीद कर लाएं और खेती में बो दिया। अब फसल तैयार होने के बाद पता चला कि कहीं पर फसल ज्यादा आई और कहीं पर कम। ऐसे में आमतौर पर आप किस्मत को ही दोष देते हैं। जबकि इसमें आपके ज्ञान की कमी ही असली कारण हैं। या यूं कहें कि आप बाजार से बीज लेकर आए, लेकिन दुकानदार ने बीज खराब दे दिया।

बोने से पहले ही आप पानी और नमक के घोल से पता कर सकते हैं कि बीज खराब या अच्छा।

दरअसल जिस तरह से आप अपने बच्चे को समय समय पर पोलियो समेत कई बीमारियों से बचाने के लिए कई टीके लगवाते हैं, उसी तरह से आपके बीजों को भी टीके लगाने की सख्त जरूरत होती है ताकि फसल ज्यादा अच्छा आए।




Kisankhabar.com आज आपके बीजों को घर पर ही टीका लागने के आसान तरीके लेकर आया है।

बीज को रोगमुक्त (Disease free) करने की जरूरत क्या है।

अगर आप चाहते हैं कि आपके खेत से सोना निकले यानी ज्यादा पैदावार हो, कम लागत आए, अच्छी क्वालिटी की फसल हो, फसल को कीड़ों से कम से कम नुकसान हो, तो आपके अपने बीज को रोगमुक्त करना बहुत ज्यादा जरूरी है। इसके कई और फायदें है, जो नीचे दिए गए हैं।




  1. अगर आप बीज को स्टोर (भंडार) में रखना चाहते हैं तो बीज को टीका लगाना जरूरी है। इससे भंडार करने पर जो रोग बीज को लगने का खतरा होता है वो खत्म हो जाता है।
  2. जिस बीज का टीका लगा होता है वो बोने के बाद मिट्टी के अंदर रहते हुए अच्छे से विकसित होता है।
  3. जिन बीजों को टीका लगा होता है उनकी बाहरी परत पर कीड़ों का हमला होने पर कम असर होता है। इसका फायदा ये होता है कि बीज का अंकुरण यानी बीज से पौधा अच्छे से निकलता है।
  4. जो किसान सब्जी उगाते हैं, कपास और छोटे दाने वाली फसलों की खेती करते हैं, उनके लिए बीज को टीका लगाने से फायदा ही होता है।

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बीज को टीका लगाने या बीजोपचार के आसान तरीके 

  1. नमक का घोल – एक बड़े बर्तन में 1 लीटर पानी में 20 ग्राम नमक मिलाकर उसका घोल बना लें। जिन बीजों को आप खेत में बोने वाले हैं, उनको इस घोल में डाल दें। जो बिज रोगी होगें या अच्छी क्वालिटी के नहीं होंगे, वो नमक के घोल में ऊपर तैरने लगेंगे और अच्छे बीज बर्तन के तले में नीचे बैठ जायेंगे। ऊपर तैरते हुए बीज को बाहर निकाल कर अल्ग रख दें और अच्छे वाले नीचे के बीजों को साफ पानी से दोकर सुखा लें। इसके बाद इन अच्छे बीजों को कीटनाशकों और फफूंद की बिमारियों से बचाने वाली प्रक्रिया का पालन करें और अंत में खेत में बो दें।
  2. धूप से करें बिमारियां दूर – नमक के घोल से तो ये पता चल गया कि कौन सा बीज अच्छा है और कौन सा खराब। लेकिन कुछ बीजों के अंदर रोग हो तो क्या करें? इसका भी इलाज है। मई और जून महीने के तपती गर्मी यानी जब 40 से 50 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान होता है, तब बीजों को घर की छत या पक्के फर्श पर, धूप में सूखने के लिए बिछा दें। इन बीजों को कड़ी धूप में यूं ही 6 से 7 घंटे पड़े रहने दें। इससे बीज के अंदर के रोग खत्म करने में मदद मिलती है। खासतौर पर गेंहूं के बीजों से कुंडूआ रोग खत्म करने में। 




फफूंदनाशक दवाओं से बीज को रोगमुक्त करने के तरीके

  1. कीटनाशी का इलाज:मिट्टी में मौजूद कीड़े, दीमक इत्यादि पौधों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। दीमक से बचाने के लिए पहले क्लोरोपाईरीफॅास 20 ई.सी. को पानी में मिलाकर घोल बना लें और इस घोल को बीजों के ऊपर छिड़काव कर दें। इसके बाद ही इन बीजों को खेत में बोए।
  2. सूखी विधि – इस तरीके से फफूंद का इलाज करने में रसायनों के पाउडर को इस्तेमाल किया जाता है। इसमें एक किलो बीज के लिए बीटावेक्स, एसीटान, बाविस्टिन, सल्फेट, कॉपर और एग्रोसेन जी. एन. सेरेरान की 2 से 2.5 ग्राम की मात्रा मिलाई जाती है।
  3. गीली विधि – जब बीज के अंदर के रोग को मारने के लिए रसायनों को अंदर पहुंचाना जरूरी हो, तब इस तरीके का इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण – आलू में स्कर्वी रोग लगता है। इस रोग को बीज से दूर करने के लिए, सबसे पहले टुफासान या एरीटॉन को पानी के साथ घोल बनाया जाता है। फिर इसमें आलू के बोए जाने वाले बीज को 2 मिनट के लिए डाल दिया जाता है। इसी तरह मूंगफली को टिक्का नाम की बीमारी से बचाने के लिए बीजों को फार्मेलिन के 2.5 प्रतिशत घोल में 30 मिनट तक डालकर रखना होता है।

जीवाणु कल्चर से बीज को रोकमुक्त करना:

जीवाणु कल्चर से अगर बीज टीका लगाया जाता है यानी रोगमुक्त किया जाता है तो ये आपके फसल के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा रहता है। इसके लिए आपके पहले 100 ग्राम गुड और 1 लीटर पानी को मिलाकर घोल बनाना होगा। फिर इस घोल में 200 ग्राम जीवाणु खाद डालनी होगी।

अब 1 एकड़ में लगने वाले बीजों पर इस घोल को स्प्रे से अच्छे से छिड़क दें और धूप में सूखने दें। इस तरह इन बीजों के ऊपर मजबूत बाहरी परत बन जाती है। अब इन्हीं बीजों को सुखाकर तुरंत ही खेत में बो दें। ध्यान रहे कि अब इन बीजों को किसी भी तरह से रसायन या रासायनिक चीजों से दूर रखें।




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