Trringo by Mahindra & Mahindra

क्या आपके पास 30 गज या करीब 300 वर्ग फीट जमीन है? अगर हां, तो फिर आप बन सकते हैं महेंद्रा एंड महेंद्रा कंपनी की नई कंपनी ट्रिंगो के फ्रैंचाइजी पार्टनर और कर सकते हैं गांव में ही अच्छी कमाई

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क्या है ट्रिंगो (Trringo), बुकिंग का तरीका क्या है, क्या बुकिंग के लिए एडवांस देना होगा?, मशीनों का किराया क्या होगा, किन किन राज्यों में चल रही है ये सेवा जैसे कई सवालों के जवाब हम ट्रिंगो पर आधारित पिछली खबर में दे चुके हैं। जिसे पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

आज आप इस रिपोर्ट में जानेंगे कि कैसे मिल सकती है आपको महेंद्र एंड महेंद्र कंपनी के ट्रिंगो की फ्रैंचाइजी।

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फ्रैंचाइजी मॉडल क्या है।

महेंद्रा एंड महेंद्रा कंपनी कुछ राज्यों में किसानों को अपनी नई कंपनी ट्रिंगो (Trringo) की फ्रैंचाइजीशिप दे रही है। यानी जब किसी किसान को आपके इलाके में खेती की मशीनों को किराए पर लेना होगा और वो ट्रिंगों के कॉल सेंटर में फोन करेगा, तो उस किसान को, उसके नजदीक ट्रिंगों फ्रैंचाइजी सेंटर के पास भेजा जाएगा या फोन नंबर के जरिए कनेक्ट कर दिया जाएगा, जिससे फ्रैंचाइजी के मालिक किसान को ट्रैक्टर और खेती की बाकी महंगी मशीनें किराए पर देने से कमाई हो सकेगी। ये ठीक उसी तरह से है जिस तरह Justdial, Zatse, Sulekha इत्यादि काम करते हैं, लेकिन इनमें से कोई भी विशेष तौर पर खेती से जुड़ा नहीं है।




ट्रिंगो कंपनी के सीईओ अरविंद कुमार के मुताबिक एक फ्रैंचाइजी के कवरेज एरिया में 25-30 गांव होंगे जो करीब 15 किलोमीटर के सर्किल में होंगे। एक फ्रैंचाइजी के पास करीब 5-6 ट्रैक्टर रहेंगे।

फ्रैंचाइजी लेने की आधारभूत शर्तें क्या क्या हैं

  1. आपके पास ऑफिस के लिए करीब 300 वर्ग फीट की जगह होनी चाहिए। इसके अलावा ट्रैक्टरों की पार्किंग और मशीनों के रखने की जगह भी चाहिए।
  2. गांव या शहर दोनों में से कहीं भी आप जगह को चुन सकते हैं। आमतौर पर लोगों ने गांवों में ही फ्रैंचाइजी ले रखी है।
  3. आप ट्रैक्टर किसी भी कंपनी के खरीद सकते हैं। यह फ्रैंचाइजी लेने के इच्छुक किसानों के ऊपर निर्भर करेगा कि वो महेंद्रा कंपनी के ट्रैक्टर लेना चाहते हैं या फिर दूसरी कंपनियों के।

सीईओ अरविंद के मुताबिक, ट्रिंगों ने कुछ राज्य सरकारों के साथ MOU साइन किया है। इसका सीधा फायदा किसानों और फ्रैंचाइजी लेने वालों को मिलेगा। इस एग्रीमेंट के चलते फ्रैंचाइजी लेने वालों को सब्सिडी पर ट्रैक्टर मिल सकेंगे। कर्नाटक राज्य सरकार के साथ अभी हाल ही में MOU साइन हुआ हैं और अब वहां पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल रही है।




निवेश के लिए कितना पैसा चाहिए

एक फ्रैंचाइजीशिप लेने में करीब 40 से 50 लाख का खर्चा आएगा, जिसमें 5-6 ट्रैक्टरों की लागत शामिल होगी।

ट्रिंगो कंपनी की मार्केटिंग अधिकारी के.एस. प्रीति के मुताबिक सब्सिडी के बाद ये लागत काफी कम रह जाती है। अगर कर्नाटक की बात करें तो 75 प्रतिशत की सब्सिडी के बाद ये लागत करीब 10 से 12.50 लाख रूपए रह जाती है।

फ्रैंचाइजी लिए बिना कैसे जुड़ सकते हैं ट्रिंगो के साथ

अगर आपके पास फ्रैंचाइजी लेने के लिए जरूरी रकम नहीं है तो भी आप ट्रिंगों के साथ जुड़ सकते हैं लेकिन उसके लिए अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।

सीईओ अरविंद का कहना है कि आने वाले वक्त में ट्रिंगो उन लोगों को भी जोड़ेगा जिनके पास खुद के ट्रैक्टर हैं और वो इसे किराए पर दूसरे लोगों को देना चाहते हैं। हालांकि इसमें अभी थोड़ा वक्त है। इसमें ट्रैक्टर के मालिक किसान को हर महीने एक छोटा सी रकम ट्रिंगो को देनी हुआ करेगी, जिसके बदले ट्रिंगो किराए पर उनकी मशीन लेने के इच्छुक लोगों के नंबर, उस किसान को भेज दिया करेगा। इससे बड़ा निवेश किए बिना ही किसान अपने मौजूदा ट्रैक्टर और बाकी मशीन से पैसा कमा सकेगा।

किसको और कैसे करें संपर्क

जिन किसानों को ट्रिंगो की फ्रैंचाइजी के लिए संबंधित अधिकारी का नबंर चाहिए वो कृप्या अपना पूरा नाम, शहर, गांव और मोबाइल नंबर लिखकर kisankhabar@gmail.com पर ईमेल कर दें। Subject में ट्रिंगो फ्रैंचाइजी जरूर लिखें।

 

क्या है ट्रिंगो (Trringo), बुकिंग का तरीका क्या है, क्या बुकिंग के लिए एडवांस देना होगा?, मशीनों का किराया क्या होगा, किन किन राज्यों में चल रही है ये सेवा जैसे कई सवालों के जवाब हम ट्रिंगो पर आधारित पिछली खबर में दे चुके हैं। जिसे पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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