Press "Enter" to skip to content

लहसुन में लगने वाले 5 रोगों के 5 आसान इलाज, हर किसी के लक्षण के साथ उनके इलाज भी जानिए

Hits: 10267

बीमारी न. 1 – पर्पल ब्लॉच यानी बैंगनी धब्बा रोग – लहसुन की पत्तियों पर जब कुछ धब्बे जिनका हल्का या गहरा बैंगनी हो, तो समझ जाइए कि आपके लहसुन को बिमारी लग रही है। इसमें कुछ पौधों की तने कमजोर होकर गिरने लगते हैं और ये बिमारी ज्यादातर फरवरी महीने में दिखती है।

इलाज – जब कभी ऐसी बिमारी लगे, तो इसका आसान सा इलाज है। जैसे ही जनवरी अंत या फरवरी के महीने में अगर एक भी पौधे में ये बिमारी दिखे, तो तुरंत आप 1 लीटर पानी में 2.5 ग्राम मेकोजेब मिलाएं। अगर मेकोजेब नहीं है तो 1 ग्राम करवेनेडिज्म मिलाकर, हर 15 दिन के अंतर पर 2 बार लहसुन की फसल पर छिड़काव कर दें।




बीमारी न. 2 – झुलसा रोग – जब कभी लहसुन के पत्तों पर आपको हल्का नारंगी रंग के धब्बा दिखने लगे, तो समझ लीजिए कि अब लहसुन की फसल झुलसा रोग की शिकार हो रही है।

इलाज – 1 लीटर पानी में 2.5 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड या 1 ग्राम सैंडोवित मिलाकर 15 दिन के अंतर में 2 बार छिड़काव करें। 

बीमारी न. 3 – मुडिया जलगलन – यह बिमारी मिट्टी और बीज से जुड़ी हुई है। जब कभी पौधे में पीलापन आने लगे, तो समझ लीजिए कि इसे मुडिया जलगन की बिमारी हो गई है। इस बिमारी में पेड़ सड़ने लगता है, उसकी जड़ सड़ जाती है और कई तरह के कीड़े लग जाते हैं। 

इलाज – एक हेक्टेयर में 500 ग्राम एसीफेट का छिड़काव करना जरूरी है। इसके अलावा पौधों पर मेफर्स दवा का भी इस्तेमाल करें। 

फफूंद से कैसे करें बचाव – एक लीटर पानी में 1 ग्राम WUP, टाइडिमेकान 25 प्रतिशत मिलाएं या फिर 1 हेक्टेयर के लिए बेनोमिल 500 ग्राम मिलाकर छिड़काव करें। ये दवाएं ना मिलने पर 500 ग्राम डायनोकेप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। 




बीमारी न. 4 – थिप्स – अगर आपको लहसुन की फसल पर छोटे साइज के पीले रंग के किट दिखने लग जाएं, तो आपको अतिरिक्ट सावधानी की जरूरत है। क्योंकि ये थिप्स बिमारी की निशानी है, जो कि बहुत ज्याजा खतरनाक होते हैं। ये किट पत्तियों में से रस को पूरी तरह से चूस लेते है। इस कारण पत्तियां पीली-भूरी होकर सूख जाती हैं। नतीजा, पैदावार में भारी कमी आ जाती है।




इलाज – एक हेक्टेयर के लिए 15 लीटर पानी में 5 मिली इमिडाक्लोरोप्रीड के साथ, थायेमेंथाक्जाम का 125 ग्राम और प्रति लीटर 1 ग्राम सैंडोविट मिलाकर घोल बनाएं और 15 दिन के अंतर पर छिड़काव कर दें।

how to join whatsapp farmers' network

[wp-like-lock] your content [/wp-like-lock]

 

[facebook_likebox url=”http://www.facebook.com/kisankhabar” width=”300″ height=”200″ color=”light” faces=”true” stream=”false” header=”false” border=”true”]

Google, Facebook, भारत सरकार, अमेरिकी सरकार या फिर दुनिया की कोई भी सरकार हो, सभी को एक ही परेशानी है कि Fake News को कैसे रोका जाए। Internet की दुनिया की सबसे बड़ी परेशानियों में से एक इस समस्या का पूरी तरह से सफल समाधान अभी तक Google, Facebook जैसी दिग्गज Internet कंपनियां भी ढूंढ नहीं पाई हैं। Artificial Technology (AI) तकनीक भी काम नहीं कर पा रही है। लेकिन FakeNewsStop.com इस समस्या का कारगर समाधान ढूंढ लिया है।

स्टोरी पर कृप्या कॉमेंट करें

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

WhatsApp chat