छत्तीसगढ़ के 86 किसानों ने लगाया बंजर भूमि पर आम का बाग, अब हर किसान कमा रहा है एक सीजन में करीब 4 लाख रूपए

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इन दिनों छत्तीसगढ़ से एक से बढ़कर एक किसानों की सफलता की ख़बरें आ रही है। इसी कड़ी में इस बार है कोरबा जिले के 86 किसानों की सफलता की कहानी। ये वो किसान है जो बंजर भूमि से इस कदर परेशान थे कि इन्होंने इस जमीन को यूं ही खाली छोड़ रखा था।

लेकिन फिर एक दिन किसी एक किसान के दिमाग में विचार आया कि क्यों ना बंजर भूमि पर कम से कम एक बार तो हरियाली लाने और पैसा कमाने की कोशिश की जाए। कोशिश की और कामयाबी हाथ लगी। नतीजा, आज हर किसान करीब 3 से 4 लाख रूपए प्रति एकड़ हर सीजन में कमा रहा है।




2011 तक रजगामार से लगे ग्राम पंचायत केराकछार में ज्यादातर किसानों की जमीन बंजर पड़ी थी। केराकछार की जनसंख्या करीब 1400 है। करीब 6 साल पहले 86 किसानों ने 1-1 एकड़ बंजर जमीन में जी तोड़ मेहनत की और आम के पौधे लगाए। अब यहां बंजर खेत पर हरियाली नजर आने लगी है।

5 साल बाद यहां के किसानों को पेड़ों पर लगे फल और अंतरवर्तीय फसलों से कमाई होने लगी है। कई किसानों ने एक सीजन में 3 से 4 लाख रुपए तक कमाए हैं।




शुरु में हर किसान ने एक-एक एकड़ खेत में 2.5 से 3 फीट गहरे 55 गड्‌ढा खोदे थे। उसके बाद प्रत्येक गड्‌ढे में आम के पौधे लगा दिए गए।5 साल तक इन पौधों को सुरक्षित रखने के बाद, अब वही पौधे किसानों की कमाई का जरिया बन गए हैं।

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