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5 स्टार होटल के जनरल मैनेजर की नौकरी छोड़ शुरु की खेती, जल्द विदेश में भी करेंगे शुरुआत

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मशरूम की भारी मांग के मद्देनजर शुरू की इसकी खेती, कई युवाओं को दे रहे हैं नौकरी

देश के बड़े संस्थान से प्रबंधन की डिग्री हासिल करने के बाद लाखों के पैकेज की नौकरी छोड़कर खेती करने का रिस्क लेना हर किसी के बस की बात नहीं। लेकिन जो लोग ये हिम्मत दिखा पाए हैं उनमें अब जमशेदपुर के संजीव माथुर का नाम भी शामिल हो गया है।
संजीव माथुर ने नौकरी छोड़ कर न केवल मशरूम की खेती शुरू की, बल्कि इसे व्यावासायिक रूप में चालकर ये साबित भी कर दिया कि खेती को अगर सही ढंग से किया जाए तो ना केवल अच्छी कमाई की जा सकती है बल्कि दूसरे सैकड़ों लोगों को नौकरी भी दी जा सकती है।
दिल्ली के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल्स से संजीव ने प्रबंधन की डिग्री हासिल की है। वे इंपीरियल ग्रुप ऑफ होटल्स एंड मैनेजमेंट के गया शहर के एक होटल में लाखों के पैकेज पर जनरल मैनेजर थे। उन्हें इसी दौरान मशरूम की अच्छी खासी जानकारी हो गई थी।
देश में इसकी उपज के मुकाबले मांग बहुत ज्यादा है। इस वजह से उन्होंने मशरूम की खेती करने का फैसला लिया। नौकरी अप्रैल 2015 में छोड़ दी और झारखंड के बागवानी मिशन से संपर्क किया।




20 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान की जरूरत आयस्टर मशरूम के उत्पादन के लिए होती है। इसके लिए सालभर जमशेदपुर और आसपास के इलाके का मौसम अनुकूल बना रहता है।
संजीव के पिता रवींद्र कुमार माथुर साल 2000 तक जमशेदपुर में बीडीओ थे। इसलिए वो शहर और इसके आसपास के इलाकों से अच्छी तरह से वाकिफ थे। पिता के इस अनुभव का फायदा मिला संजीव माथुर को।
जमशेदपुर में राज्य बागवानी मिशन से 3 दिनों की ट्रेनिंग उन्होंने ली। इसके बाद संजीव ने वहीं पर एक फार्म हाउस बनाया और ऑयस्टर मशरूम की खेती शुरू कर दी। कुछ ही दिनों में उन्होंने शहर में मशरूम की सेल के लिए 80 काउंटर खुलवा दिए।
इन काउंटरों पर हर रोज 30 से 35 किलो तक मशरूम बिक रहा है। उनकी इस पहल से अब कई युवाओं को रोजगार मिला है और कई किसान भी जुड़ गए हैं।

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DMR main Mushroom training ke liye kaise apply karein | mushroom ki kheti main faayda |

मशरूम की देश और दुनिया में खपत बहुत तेजी से बढ़ी है। लेकिन जितनी रफ्तार से इसकी खपत बढ़ी है उतनी रफ्तार से इसकी खेती करने वालों की संख्या नहीं बढ़ी। हालांकि इसे करने में रूचि रखने वालों की कोई कमी नहीं है। दरअसल इसमें रूचि रखने वालों को पता नहीं है कि इसकी ट्रेनिंग कब, कहां, कैसे होती है और कौन इसकी सही ट्रेनिंग दे सकता है। लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं क्योंकि भारत सरकार का DMR यानी Directorate of Mushroom Research खुद इसकी ट्रेनिंग देश में अलग अलग जगहों पर दे रहा है। इसकी ट्रेनिंग के लिए कैसे, कब और कहां एप्लाई करें, इसकी पूरी जानकारी आज आप किसानख़बर.कॉम के इस वीडियो में सिखेंगे। Note:- आपसे अनुरोध है कि किसानख़बर.कॉम की इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें ताकि सभी लोगों को इसका लाभ मिल सके। साथ में फेसबुक पेज को लाइक भी करें, ताकि आपको हमेशा ऐसी अच्छी ख़बरें तुरंत मिलती रहें। mushroom cultivation in India, mushroom training kahan hoti hai, mushroom ki kheti main faayda, mushroom farming investment and profit

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