क्यों है फलों की खेती का सुनहरा भविष्य, पेप्सी और कोका-कोला की मांग बहुत ज्यादा गिरी

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जूस की मांग तेजी से बढ़ी, पेप्सी-कोका-कोला की मांग तेजी से गिरी

देश के किसी भी शहर या गांव की दुकान पर आपको पेप्सी और कोका कोला की बोतलें रखी मिल जाती है। लेकिन शायद आपने गौर नहीं किया कि अब इनकी जगह तेजी से जूस की बोतले ले रही है। नए आंकड़े इस तस्वीर को सच भी साबित करते हैं। लेकिन ये खबर किसान मित्रों के लिए अच्छी कैसे हैं।

आंकड़े जानने से पहले आप ये जान लें, कि देश और दुनिया में अगर फलों के जूस का बाजार बढ़ता है तो कंपनियों को फलों की बेतहाशा जरूरत पड़ेगी और जिनकी पूर्ति सिर्फ किसानों के खेतों से ही हो सकती है। इसलिए पेप्सी और कोला कोला के ड्रिंक्स की गिरती मांग और फ्रूट जूस के बढ़ती मांग से किसानों को ही आखिरकार फायदा होना है। इसलिए अगर आप फलों की खेती करते हैं तो इसे करते रहिए और अगर आप फलों की खेती का मन बना रहा है और फिर मन पक्का कर ही लीजिए।




अब देखिए कि ताजा आंकड़े क्या कह रहे हैं।

Survery Smallसर्वे करने में अग्रणी रहने वाली अंतर्राष्ट्रीय कंपनी नीलसन के अभी हाल ही में अपने ताजा डाटा के आंकड़े पेश किए। इनके मुताबिक 2016 के पहले 6 महीनों में ट्रॉपिकाना, रियल और स्लाइस जैसे जूस के ब्रांड्स सबसे ज्यादा बिके और इन्होंने टॉप 5 बेवरेजेज में कोक और पेप्सी फिजी ड्रिंक्स को भी पीछे छोड़ दिया।

हालांकि, ये आंकड़े अभी सिर्फ मॉडर्न ट्रेड के हैं। इससे उस ग्लोबल ट्रेंड की ओर साफ इशारा मिलता है कि लोग अब कोक-पेप्सी के मुकाबले सेहत के लिए अच्छे जूस को पसंद कर रहे हैं।

अब तो इनकी ग्रोथ  घटकर 4-6 पर्सेंट रह गई है, जो कि पहले कभी इसकी कई गुना ज्यादा हुआ करती थी।

नीलसन के मुताबिक पेप्सिको का स्लाइस मैंगो ड्रिंक (Slice mango drink), डाबर का रियल (Real) और ट्रॉपिकाना जूस, मॉडर्न ट्रेड में सबसे ज्यादा बिकने वाले टॉप 5 में शामिल है।

इन्होंने पेप्सी और कोक को भी पीछे छोड़ दिया है। हमदर्द का ड्रिंक रूहअफजा और मॉन्डेलेज का टैंग पाउडर ड्रिंक भी टॉप बेवरेजेज में शामिल हैं। जनवरी-जून 2013 से जनवरी-जून 2016 के बीच के 4 साल के आंकड़े बताते हैं कि पेप्सी मॉडर्न ट्रेड में 2013 और 2014 में सबसे ज्यादा बिकने वाला ब्रांड था। जबकि 2015 में टॉप 5 ब्रांड्स में कोक शामिल था। लेकिन 2016 में रियल के 8 प्रतिशत हिस्से की तुलना में कोक का मार्केट शेयर 4 प्रतिशत ही रहा।




Future Group के अध्यक्ष देवेंद्र चावला ने मुताबिक अब जूस वाले ड्रिंक्स और स्वाद का वापस जमाना लौट आया है। पिछले कुछ दशकों में मार्केटिंग पर बेवरेजेज के ग्लोबल ब्रांड्स ने जमकर पैसा बहाया। लेकिन अब फिर से कन्जयूमर्स वही पसंद कर रहे हैं, जिसे वे सेहत और स्वाद के लिहाज से अच्छा मानते हैं।

ऑनलाइन सुपरमार्केट इकाई Bigbasket.com के को-फाउंडर विपुल पारेख ने भी इस ट्रेंड की पुष्टि की। उन्होंने बताया, ‘जूस की ग्रोथ कोल्ड ड्रिंक्स के मुकाबले 2.5 गुना ज्यादा है। हम पिछले 6 महीनों से इस ट्रेंड को देख रहे हैं। ग्राहकों का झुकाव अब सेहतमंद फूड और बेवरेजेज की तरफ बढ़ रहा है।




शायद यही कारण है कि अब डाबर के जूस ब्रांड Real की बिक्री रूपए 1,000 करोड़ को पार कर चुकी है। 1998 में कंपनी ने इस ब्रांड को लॉन्च किया था। डाबर के CEO सुनील दुग्गल का मानना है कि इसके फ्लेवर के 30 वैरिएंट्स हैं। कंपनी ने ऐसा टेस्ट तैयार करने की कोशिश की है, जो भारतीयों की पसंद के मुताबिक हो।

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