क्यों और कैसे है औषधियों की खेती में साल 2050 तक ज्यादा लाभ? पढ़े पूरी रिपोर्ट

कैसे करें ताजा ख़बर नई तकनीक नौकरी या खेती सरकारी योजना

किसानख़बर.कॉम लगातार हम औषधियों की खेती के बारे में खबरें पोस्ट कर रहे हैं। अभी हाल ही में औधषियों की खेती पर आधारित ख़बर पोस्ट की थी जिसका शीर्षक था ‘ 21 औषधियों की खेती पर सरकार दे रही है लाखों का अनुदान, कई फसलों पर 75% का अनुदान ‘। अभी इसी कड़ी में जानिए कि औषधियों की खेती का वर्तमान क्या है और भविष्य क्या है।




मांग कितनी है

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के अनुसार 80 % तक विश्‍व की जनसंख्‍या अपने स्‍वास्‍थ्‍य के लिए औषधीय पौध और पशुओं पर निर्भर है। ऐसे पौधों की मांग दुनिया में बढ़ती जा रही है, क्योंकि अब लोग अधिक से अधिक प्राकृतिक स्‍वास्‍थ्‍य उपचार का सहारा लेने में रूचि दिखाने लगे हैं।

करीब 22,000 करोड़ रुपए की कीमत के औषधीय उत्‍पाद का निर्यात चीन करता है, जबकि भारत का निर्यात कारोबार सिर्फ रूपए 462 करोड़ रुपए का है। यानी निकट भविष्य में इसमें भारत में आगे बढ़ने की बहुत ज्यादा संभावनाएं हैं।

विश्‍व सवास्‍थ्‍य संगठन के अनुसार औषधीय वनस्‍पति और वनस्‍पति उत्‍पाद का वैश्कि बाजार का 2050 तक 5 ट्रिलीयन डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।

भारत में स्थिति और भविष्य

भारत में 10,000 से भी अधिक औषधीय पौधों की धरोहर है। इनमें से 1800 औषधीय पौधों का इस्तेमाल आयुर्वेद में 4700 पारंपरिक चिकित्‍सा व्‍यवसाय में, 300 होम्‍योपैथी में, 300 चीनी औषध प्रणाली में, 1100 सिद्ध औषधीय प्रणाली, 750 यूनानी  और 100 एलोपैथी प्रणाली में इस्तेमाल होता हैं।

यानी लगभग 3.6 लाख पौध प्रजातियों का धरती पर फैले होने का अनुमान है। इनमें से 40% भारत में मौजूद हैं। हाल के वर्षों में हर्बल उत्‍पादों की बढ़ती मांग घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारो में व्‍यापार किए जाने वाली पौध सामग्रियों की मात्रा में जबरदस्त बढ़ोत्तरी देखी गई है।

भारतीय उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली 90% से अधिक पौध प्रजातियों प्राकृति संसाधनों से जमा किया जाता है। जबकि बाकी 10% की पूर्ति किसानों के खेतों में औषधियों की खेती करके की जाती है।

ये आंकड़ा तेजी से निकट भविष्य में बदलेगा क्योंकि जंगल तेजी से घट रहे  हैं और जनसंख्या बढ़ रही है। यानी 10% से कई गुना औषधिय पौधों की खेती किसानों के खेतों में आने वाले समय में होने लगेगी। इसी वजह से औषधियों की कॉन्ट्रैक्ट खेती पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।




कहां करें संपर्क

इसके लिए आपको अपने नजदीक के कृषि विभाग के दफ्तर में संपर्क करना चाहिए, क्योंकि आपके इलाके की मिट्टी, पानी और वातावरण के हिसाब से संबंधित अधिकारी को उचित औषधी की खेती की सलाह दे पायेंगे।

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