Poultry Farming in India

आप भी खड़ा कर सकते हो मुर्गीपालन का बड़ा कारोबार

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सीखें कि कैसे करते हैं मुर्गीपालन का व्यापार और कितनी डिमांड है इसकी विदेशों में

देश में मुर्गीपालन का काम 1960 के दशक में शुरु हुआ था यानी करीब 55-56 साल पहले। अब यह देश में 30 लाख लोगों को रोजगार देता है। इस क्षेत्र में अगर सबसे सफल व्यक्ति का नाम सबसे पहले आता है तो वो हैं सुगुना पोल्ट्री के बी.सुंदरराजन और जीबी सुंरराजन।

इन दोनों की जोड़ी ने पोल्ट्री के क्षेत्र में 4200 करोड़ रूपए की सबसे बड़ी कंपनी खड़ी कर दी, जिससे अब करीब 18 हजार किसानों को जिंदगी बेहतर करने का रास्ता मिला।




मुर्गीपालन के व्यवसाय में करोड़ों की कमाई
मुर्गीपालन के व्यवसाय में करोड़ों की कमाई

दरअसल, मुर्गीपालन भारत में दिन दुनी रात चौगुनी रफ्तार से तरक्की कर रहा है। यही वजह है कि अब चीन और अमेरिका के बाद भारत दुनिया में सबसे ज्यादा अंडा उत्पादक देश बन चुका है।

जबकि चिकन उत्पादन के मामले में भारत 5वें नंबर पर है। भारत से आगे अमेरिका, चीन, ब्राजील और मैक्सिको है।

मुर्गीपालन व्यवसाय क्या है?

मुर्गी और बत्तख को पालकर मांस और अंडे की सप्लाई करने को मुर्गीपालन कहा जाता है। लेकिन ध्यान रहे कि जिस व्यक्ति को सांस या अस्थमा की बिमारी है, वो इस काम से दूर ही रहें। लेकिन अगर फिर भी करना चाहें, तो जहां मुर्गियां रखी जाती हैं वहां बिल्कुल ना जाएं।

विष्ठा (लीद Dung) से खाद भी:

मुर्गी की विष्ठा (लीद Dung) का खाद के रूप में भी इस्तेाल किया जाता है, जिससे फसल के उत्पादन में वृद्धि होती है। 40 मुर्गियों की लीद में उतने ही पोषक तत्त्व होते हैं जितने कि 1 गाय के गोबर में होते हैं।

मुर्गीपालन के व्यवसाय में करोड़ों की कमाई
मुर्गीपालन के व्यवसाय में करोड़ों की कमाई

मुर्गीपालन में कई तकनीकी बातों पर ध्यान देना चाहिए। जैसे ब्रायलर फार्म गांव या शहर से बाहर या फिर मेन रोड से दूर हो। पानी और बिजली का पूरा इंतजाम होना चाहिए। फार्म हमेशा ऊंचाई वाले स्थान पर बनाएं ताकि आस-पास जल जमाव न हो।

अगर 2 पोल्ट्री फार्म हैं तो दोनों एक-दूसरे के नजदीक न हों। फार्म की लंबाई भी पूरब से पश्चिम की तरफ हो।

ऊंचाई 12 फीट और साइड में 8 फीट हो। अधिकतम 25 फीट चौड़ाई हो और शेड के बीच की दूरी कम से कम 20 फीट हो। इसके अलावा फर्श पक्का हो यानी कच्ची मिट्टी इत्यादि का फर्श ना हो। इस बात का ध्यान रहे कि 1 शेड में सिर्फ 1 ही ब्रीड के चूजे रखे हों।

मुर्गीपालन के व्यवसाय में करोड़ों की कमाई
मुर्गीपालन के व्यवसाय में करोड़ों की कमाई

आल-इन-आल आउट पद्धति के पालन के साथ साथ शेड और बर्तन हमेशा साफ रहने चाहिए। कर्मचारियों के अलावा बाकी लोगों का आना बैन हो, क्योंकि बाकी लोगों के आने से मुर्गियों में बिमारी फैल सकती है। कुत्ता, देशी मुर्गी, चूहा, गिलहरी इत्यादि को किसी भी हाल में शेड में घुसने ना दें।

मरे हुए चूजे और वैक्सीन के खाली बोतल को जलाकर खत्म कर दें। थोड़े थोड़ दिनों के बाद शेड के बाहर डिसइंफेक्टेंट का छिड़काव और टीकाकरण करवाते रहें। पीने के पानी में ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल करें।

मुर्गा मंडी जाने वाले ट्रक या गाड़ी को फार्म से दूर खड़ा करें। मुर्गी के शेड में हर रोज 23 घंटे लाइट की जरूरत होती है। सिर्फ 1 घंटे शेड में अंधेरा रखा जाता है।

पोल्ट्री व्यवसाय में कमाई की कोई सीमा नहीं है। इसमें कमाई आपकी मेहनत पर ही निर्भर करती है।

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