Press "Enter" to skip to content

सावधान! क्या इस महिला ने आपके मोबाइल पर कॉल किया? आप हो सकते हैं इसका अगला शिकार, गांव-देहात के लोगों को कर रही है फोन

Hits: 7350

महिलाओं का एक गैंग बना रहा है डीडी किसान टीवी में भर्ती के नाम पर किसानों को शिकार

मई 2015 में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के लिए देश का पहला किसान टीवी लांच किया, ताकि किसानों को बेहतर खेती और खेती की नई तकनीक का जानकारी मिले और वो ज्यादा मुनाफा कमा सकें। मोदी के इस सपने से किसानों को कितना फायदा हुआ ये तो पता नहीं लेकिन पिछले दो महीने में दिल्ली से सक्रिय महिलाओं के एक गैंग ने देश के गांव गांव में खूब हंगामा मचा रखा है। हंगामा इतना ज्यादा है कि किसानख़बर पर पिछले एक महीने से लगातार फोन कॉल्स आ रहे हैं।

दरअसल, महिलाओं का एक गैंग गांव के लोगों को किसान चैनल में मोटी तनख्वाह का झांसा देकर मोटी रकम लेकर मूर्ख बना रहा है। महाराष्ट्र के औरंगाबाद से लेकर हिमाचल प्रदेश तक हिन्दी भाषी राज्यों में कई लोग इसके शिकार हो चुके हैं।

ये गैंग गांव के लोगों को महीने की 25 हजार रूपए से ज्यादा की तनख्वाह का वादा करता है और सरकारी लेटर हैड पर पक्की नौकरी का लेटर भी भेज देता है। कैंडिडेट के हां करने पर, तुरंत ही उसके वॉट्सअप नंबर या ईमेल पर ऑफर लेटर भी भेज दिया जाता है। लेटर भी ऐसा वैसा नहीं, बल्कि दूरसंचार विभाग के लेटर हैड पर डीडी किसान चैनल के लोगो के साथ।

महाराष्ट्र में औरंगाबाद जिले के 21 साल के संदीप के मुताबिक

मुझे पहले तो एक दो दिन में पक्की नौकरी मिलने का लेटर भेजने का वादा किया। फिर लेटर भी तुरंत भेज दिया, लेकिन फिर बोले कि अब लेटर लेकर तुमको ज्वानिंग के लिए दिल्ली आना होगा, जहां तुम्हारी ट्रेनिंग होगी। ये सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा। लेकिन फिर कुछ दिन बाद बोला गया कि ट्रेनिंग से पहले तुमको एसबीआई बैंक में 15 हजार रूपए जमा कराने होंगे, उसके बाद ही ट्रेनिंग का लेटर तुमको मिलेगा।

ये सुनकर संदीप को कुछ शक हुआ। तभी संदीप ने किसी तरह किसानख़बर का नंबर ढूंढकर हमारे संवाददाता से बाद की और फिर उन्होंने इस भर्जी भर्ती अभियान से पर्दा उठाने के लिए वैसा ही किया जैसा हमारे संवाददाता ने बताया। प्लान के मुताबिक संदीप ने कॉल करने वाली लड़की से बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया। रिकॉर्डिंग सुनने के लिए यहां क्लिक करें।

डीडी किसान टीवी में एक किसान को भेजा गया नौकरी का फर्जी ऑफर पत्र
डीडी किसान टीवी में एक किसान को भेजा गया नौकरी का फर्जी ऑफर पत्र




हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के रहने वाले दिनेश शर्मा तो लूट ही गए। उनसे चार अलग अलग किश्तों में 40 हजार रूपए लिए गए। इसके बाद उनको 2-3 दिन पहले फिर से 11 हजार रूपए जमा करने को बोला गया ताकि वो 2 अगस्त को ज्वाइन कर सके। तभी दिनेश के भाई धीरज जो कि आर्मी में है, उन्होंने किसानख़बर.कॉम  को संपर्क किया, जहां से उनको इस फर्जी भर्ती के बारे में पता चला।

ये खुलासा होते ही उन्होंने तुरंत ही अपने भाई को पहले तो पैसा जमा करने से रोका और फिर दिल्ली में आर्मी में अपने बड़े एक अफसर को फोन करके पूरा मामला बताया।

उस अफसर ने तुरंत ही अपने संबंधों के आधार पर पहले तो एसबीआई बैंक का वो खाता सीज करवाया और तुरंत ही कॉल करने वाली लड़की को फोन करके भर्जी अभियान में जेल भिजवाने का डर दिखाया। नतीजा, दिनेश को करीब 20 हजार रूपए तुरंत वापस मिल गए और बाकी 20 हजार जल्द वापस किए जाने का वादा किया गया।




ये दोनों तो बच गए लेकिन बाकी कुछ और लोग शिकार बन गए। उन लोगों ने तो बाकायदा 15-15 हजार रूपए कॉल करने वाली लड़की के एसबीआई बैंक एकाउंट में जमा भी करा दिए। इन सभी को 2 अगस्त को दिल्ली आने और फिर 3 अगस्त से डीडी किसान चैनल में ज्वाइन का वादा किया गया। लेकिन बैक में पैसे जमा होते ही ये लोग या तो फोन उठाना बंद कर देते हैं या फोन नंबर बदल देते हैं।

इस बारे में करीब 2 हफ्ते पहले हमने प्रधानमंत्री मोदी को ईमेल भी किया, दूरसंचार मंत्रालय, डीडी किसान चैनल और ब्रॉडकास्ट मंत्रालय को भी उनको ट्विटर एकाउंट पर भर्जी लेटर हैड की ईमेज भेजकर, इसकी सत्यता की जानकारी मांगी गई, लेकिन कहीं से कोई जवाब नहीं आया।

 




इस ख़बर पर आप अपनी राय नीचे फेसबुक कॉमेंट बॉक्स में दे सकते हैं।

अगर आप वॉट्सअप पर मुस्लिम जगत की ख़बरों को रोज पढ़ना चाहते हैं, तो अपने मोबाइल फोन में 7289893099 नंबर Save करके, हमको अपना पूरा नाम, शहर और उम्र लिखखर भेज दीजिए। धन्यवाद

 

Video देखें

 

Google, Facebook, भारत सरकार, अमेरिकी सरकार या फिर दुनिया की कोई भी सरकार हो, सभी को एक ही परेशानी है कि Fake News को कैसे रोका जाए। Internet की दुनिया की सबसे बड़ी परेशानियों में से एक इस समस्या का पूरी तरह से सफल समाधान अभी तक Google, Facebook जैसी दिग्गज Internet कंपनियां भी ढूंढ नहीं पाई हैं। Artificial Technology (AI) तकनीक भी काम नहीं कर पा रही है। लेकिन FakeNewsStop.com इस समस्या का कारगर समाधान ढूंढ लिया है।

स्टोरी पर कृप्या कॉमेंट करें

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

WhatsApp chat