October 19, 2016 tree ko chuna lagane ke faayde

चूना – ये वो शब्द है जो आमतौर पर नुकसान होने की स्थिति में किया जाता है। लेकिन खेती की असर बात करें तो इसके अच्छे और बुरे दोनों ही मतलब है।

कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक अक्टूबर महीने में बाग के पेड़ों खासतौर पर सेब के पेड़ों के तने पर चूना लगाना चाहिए, वरना आप नुकसान झेलने के लिए तैयार रहें।




चूना क्यों लगाया जाए

दरअसल अक्टूबर के महीने में सूरज की किरणें तीखी होती है। ये इस दौरान पौधे के तने पर सीधी पड़ती है। इस वजह से इनमें कैंकर के पनपने का खतरा पैदा हो जाता है। कैंकर की वजह से पौधे पर बुरा असर पड़ता है, जिसके नतीजे के तौर पर उत्पादन गिर जाता है। यानी कम उत्पादन तो कम लाभ।




इलाज क्या है इसका

इस समस्या से बचने के लिए अक्टूबर महीने में ही पौधे के तने पर या तो चूना लगा दें या फिर नीले थोथे का लेप लगाएं।

आमतौर पर ये पौधे के तने पर मार्च या अप्रैल में यह सोचकर चूना लगाया जाता है कि चून के सफेद रंक को देखकर मधुमक्खियां आकर्षित होंगी। जबकि ये धारणा बिल्कुल ही गलत है। मधुमक्खियां फूल को देखकर आकर्षित होती है ना कि चूने के सफेद रंग को देखकर।

अगर आप अक्टूबर महीने में पौधे के तने पर नीला थोथा या चूना लगाने से चूक जाएं, तो फिर आप इसे मार्च महीने में भी लगा सकते हैं, क्योंकि उस महीने में भी सूरज की किरणें पौधे पर सीधी पड़ती हैं।

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