किसान अजीत की तरह 1 बीघा खेत से आराम से करो रूपए 60 हजार महीने की कमाई

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नौकरी बनाम खेती बाड़ी – इस सीरीज में हम लगातार ऐसी खबरों को लेकर आते रहे हैं जिनसे पता चलता है कि अब लोग शहर की चकाचौंध से भरपूर लेकिन हजार तरह के तनावों से घिरी नौकरी से ऊब चुके हैं और वापस गांव में जाकर खेती करके कम तनाव में ज्यादा कमाई कर रहे हैं।

इसी कड़ी में इस बार सफलता की कहानी है मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के अजीत दवे की। अजीत पहले प्राइवेट सेक्टर की एक कंपनी में नौकरी करते थे। लेकिन जब नौकरी में रोज रोज की परेशानियों और भविष्य में अस्थिरता के संकट की संभावना का पता चला तो अजीत ने किसान बनने का फैसला कर लिया।




देव ने सबसे पहले तो पुणे जाकर आधुनिक खेती के तौर-तरीके देखे और सीखे। इसके बाद से उद्यान विभाग के योजाना के तहत अनुदान पर 2 पॉली हाउस बनाए। 1 पॉली हाउस में में गुलाब की खेती की और दूसरे में कलकत्ती गेंदा की खेती की। इसका भी उत्पादन अगस्त महीने से शुरू हो जाएगा।

अब जिले की पहचान बन चुकी अनार, अंगूर, स्ट्राबेरी और एपल बेर के बाद अब फूलों की खेती भी किसानों का जीवन महका रही है। कृषक पॉली हाउस में जरबेरा के बाद पहली बार डच रोज और कलकत्ती फूल की खेती कर अलग मुकाम स्थापित कर रहे हैं। ग्राम इटावा माताजी में कृषक अजीत देव ने 10 हजार स्क्वेयर फीट (करीब 1 बीघा) में पॉली हाउस बनाकर नौ हजार डच रोज के पौधे लगा रखे हैं।




पांच साल तक होगी हर महीने लाखों की कमाई

पॉली हाउस में हर दिन 400 फूल आ रहे हैं। अगर अनुकूल स्थिति और उत्पादन अच्छा रहा, तो 800 से 1000 फूल प्रति दिन आ सकते हैं। यानी करीब 50-60 हजार रुपए हर महीने की कमाई।

ये सिर्फ अभी शुुरुआत है। जैसे जैसे समय निकलेगा, वैसे वैसे पॉली हाउस से ज्यादा फूलों का उत्पादन बढ़ेगा। यानी ज्यादा उत्पादन तो ज्यादा कमाई।

देव के मुताबिक पिछले साल फरवरी 2015 में डच रोज लगाए थे। जिनका जून में उत्पादन लेना शुरू हो गया था। अब 5 साल तक इन पौधों से फूल मिलते रहेंगे। देव फिलहाल इनको रतलाम मंडी में ही पहुंचाते हैं। ज्यादा उत्पादन होने पर देव इनको इंदौर फूल मंडी भी पहुंचायेंगे। फिलहाल उनको 1 फूल की कीमत रूपए 3.50 से 4 तक मिल जाती है।

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