August 11, 2016 New Technique - Rice Farming and fish side-by-side can help to earn more money and reduce cost of rice farming

चीन, इंडोनेशिया और फीलिपींस में खूब हो रही है इस तकनीक से खेती

जबरदस्त नई खोज वाली खबरों की सीरीज में किसानखबर.कॉम अब चावल की खेती के साथ साथ मछली पालन की जानकारी लेकर आया है। (बाकी नई खोज वाली खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

खेत में चावल और मछलियों का पालन एक साथ करें – ये सुनकर पहले तो आप भरोसा नहीं करेंगे। फिर जब भरोसा करेंगे तो मन में सवाल जरूर आएगा कि कैसे होता है ये, क्या है फायदा और कैसे मछलियां के पालन से चावल की फसल की लागत कम हो जाती है, जबकि उत्पादन कम नहीं होता।

इस तकनीक पर 6 साल तक चीन में वैज्ञानिकों ने किसानों के साथ मिलकर काम किया और जो परिणाम सामने आए उसने वैज्ञानिकों, किसानों समेत सभी को चौंका दिया।

चीन में जब धान के खेत में मछलियों के पालने का एक्सपेरीमेंट किया गया तो, किसानों की कमाई लगभग दोगुनी हो गई। खेत में मछलियों के पालन से धान की फसल का उत्पादन तो ऊतना ही रहा लेकिन इसने किसानों की धान की लागत को बहुत कम कर दिया।

रिसर्च के मुताबिक चावल के खेत में मछलियों के पालने से फसल को कम फर्टिलाइजर (fertilizers) और कीटनाशक (pesticides) दवाओं की जरूरत पड़ती है। चावल की खेती में 60-70 प्रतिशत तक खर्च फर्टिलाइजर (fertilizers) और कीटनाशक (pesticides) दवाओं पर ही आता है।

तालाब की बड़ी देसी मछलियों को इस तकनीक में इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि इनको आसानी से नजदीकी बाजार में बेचा भी जा सकता है।

किसानों को फायदा

  1. ऊतने ही खेत में मछली पालन से अतिरिक्त कमाई का रास्ता खुलता है।
  2. धान की फसल की लागत काफी कम हो जाती है। लागत कम होने से लाभ बढ़ जाता है।
  3. पर्यावरण पर काफी अच्छा असर पड़ता है।
  4. धान के खेत में अगर मछलियां रहती हैं तो ये फसल को कई बिमारियों से भी बचाती हैं।

कुछ साल पहले थाईलैंड में धान की फसल पर कीड़ें-मकोड़ो के हमले ने देश की 4 प्रतिशत चावल की फसल को बर्बाद कर दिया था, लेकिन इस हमले की चपेट में आए इलाके में जिन किसानों ने खेत में मछलियों का पालन कर रखा था, उनकी फसल पूरी तरह से बच गई।

वैज्ञानिकों ने रिसर्च में पाया कि धान के पौधों की छाव से पानी ठंडा रहता है जो मछलियां को पानी में सक्रिय बनाए रखता है। और पानी के किनारे वाले पौधों पर लगने वाले छोटे मोटे कीड़े इन्हीं मछलियों का अतिरिक्त खाना बन जाते हैं।

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मोनिका सिंह को पत्रकारिता का 10 साल का अनुभव है