June 9, 2016 Oyster-farming-in-India

ओएस्टर की खेती से होती है अच्छी कमाई

अगर आप नदी या समुद्री इलाके के नजदीक रहते हैं और खेती में कुछ ऐसा करना चाहते हैं जिसमें बहुत ही कम लागत में ज्यादा मुनाफा हो और मेहनत भी कम लगे, तो ओएस्टर की खेती आपके लिए बहुत फायदे की साबित हो सकती है। एक और अच्छी बात ये कि सरकार भी ओस्टर की खेती करने वालों का खूब साथ दे रही है।

पिछले साल मार्च महीने में सिंधुदुर्ग के वाडाटर क्रीक में 10 महिलाओं ने 3 दिनों तक पुराने ऑइस्टर के खोल के साथ बांस का खांचा बनाया था। उन महिलाओं ने 15 महीने बाद 6 हजार रूपए की लागत से ऑइस्टर (सीपी) से 125 किलो मांस निकाला। जिसकी बाजार कीमत 50 हजार रूपए है। महाराष्ट्र में ऑइस्टर (सीप) फार्मिंग करने वाली यह पहली महिला किसान हैं।

ओएस्टर फार्मिंग करने वाली 40 साल की कस्तुरी धोके के अनुसार अब वो जमाने गए जब क्रीक के दलदली इलाकों में जाकर और भाग्य के भरोसे रहकर ऑइस्टर खोजने की जरूरत नहीं है। अब ऑइस्टर पालन आप खुद कर सकते हैं।

Oyster Farming in India
Oyster Farming in India

दरअसल संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और महाराष्ट्र सरकार की यह संयुक्त योजना है जिसके तहत तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए पैसे कमाने का स्थाई इंतजाम करना है।

मार्च 2014 में ट्रायल पर शुरु की गई इस परियोजना में हिस्सा लेने वाली महिलाओं को ओएस्टर से 8 गुनी कमाई हुआ। उन्होंने 6 हजार की लागत पर 50 हजार कमाए यानी कुल 44 हजार रूपए का लाभ हुआ।

इस सफलता के बाद अब इस कार्यक्रम को यूएनडीपी, सिंधुदुर्ग जिले के बाकी 3 तटीय इलाकों मालवन, देवगढ़ और वेंगरूला में शुरु करने वाला है।

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मोनिका सिंह को पत्रकारिता का 10 साल का अनुभव है