July 16, 2016

पिछले दिनों हमने खबर पोस्ट की थी किस तरह महिलाओं का एक गैंग देहातों में अखबारों में विज्ञापन के जरिए किसानों को डीडी किसान के नाम पर करोड़ों की चपत लगा चुका है। अब उसी तरह की किसानों को सावधान करने वाली एक और खबर है। किसान कॉल सेंटर के नाम पर भी अब किसानों को करोड़ों की चपत लगाई जा रही है।

किसानों के हित के लिए काम करने वाली संस्था ‘प्रवाह फाउंडेशन’ ने खुलासा किया है कि बेरोजगार किसानों को Kisan Call Centre खोल कर देने के नाम पर करोड़ों की ठगी हो रही है।

‘प्रवाह फाउंडेशन’ के मुताबिक सरकार द्वारा चलाई जा रही राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के नाम पर कुछ लोग  करोड़ों के गोरखधंधा का काम कर रहे हैं।

दरअसल इन धोखेबाज लोगों ने http://rkvy.nic.in नाम की इस सरकारी वेबसाइट की हूबहू नक़ल कर एक दूसरी वेबसाइट http://www.rkvycenter.in/  बनाई। यह वेबसाइट इतनी सही ढंग से डुप्लीकेट तैयार की गई है कि कोई भी देखकर धोखा खा जायेगा। नागपुर का एक किसान अमोल बैतूल भी इस जालसाजी का शिकार हुआ है।

अमोल ने ही प्रवाह फाउंडेशन को बताया कि यह धोखेबाज लोग बेरोजगार किसानों को फंसाने के लिए पहले तो किसी स्थानीय अखबार में रोजगार देने कराने का विज्ञापन देते है। और फिर जब कोई किसान इनको फोन करता है तब ये उससे रजिस्ट्रेशन के तौर पर 2450 रुपये और सीट कन्फर्म करने के नाम पर 12500 रुपये लेते है।

इस फर्जीवाड़े का शिकार नागपुर के ही किसान अर्जुन मिश्रा भी हुए है। अर्जुन के मुताबिक इन लोगों ने उसके जैसे कई और लोगों को भी इसी तरह से फंसाया है।

प्रवाह फाउंडेशन ने इस बात की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय तक पंहुचा दी है। गुहार लगाई है कि मामले को गंभीरता से लिया जाये और जल्द से जल्द किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाले लोगों को पकड़ा जाए, वरना ये लोग कई और लोगों को चूना लगाकर चंपत हो जायेंगे।

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Vandana Singh
वंदना सिंह को पत्रकारिता का 10 साल का अनुभव है