August 8, 2016 Onion seeds

परंपरागत फसलों के बीज के लिए किसानों को दर-दर भटकना पड़ता है। कभी किसी सरकारी विभाग के दरवाजे को खटखटाना पड़ता है, तो कभी किसी प्राइवेट कंपनी के। कहीं बीज जरूरत के हिसाब से कम मिलता है तो कहीं बहुत महंगा।

इस समस्या को समझते हुए अब किसानखबर.कॉम आपके लिए लेकर आया है एक विशेष रिपोर्ट, जिसमें आप जानेंगे कि कैसे आप खुद ही प्याज का बीज तैयार कर सकते हैं। ये क्वालिटी में भी ज्यादा अच्छा रहेगा और बहुत ही ज्यादा किफायती भी। ये रिपोर्ट उन लोगों के लिए भी खास है जो युवा किसान हैं और खेती के बारे में अभी जानने की कोशिश कर रहे हैं।




Onion seeds खेत को कैसे तैयार करें

सबसे पहले जरूरी है कि खेत की अच्छे से तैयार किया जाए। इसके लिए पको नवम्बर महीने में दो बार खेत की जुताई करनी होगी। जुताई के बाद उसमें जरूरत के हिसाब से गोबर का खाद डाले। इस बात का ध्या रखें कि जिस खेत में आप प्याज का बीज तैयार करना चाह रहे हैं उसमें पहले कभी भी या फिर पिछले 4-5 साल में प्याज या लहसुन की खेती नहीं हुई हो।

खेत को तैयार करने के दो तरीके होते हैं। पहला – क्यारियां बनाकर और दूसरा हरिये से (जैसे लहसुन के लिए तैयार किया जाता है।) 

खेत समतल हो और उसमें पानी के निकास यानी पानी बहकर खेत से बाहर निकलने का थोड़ा सा ढलान या रास्ता हो।

बीज बोने का समय नवम्बर और दिसम्बर के अंत तक बुआई कर सकते है। बाजार से खरीदी गई प्याज या घर की प्याज में से छोटे छोटे साइज की प्याज बीज बनाने के लिए अलग निकाल लें। ध्यान रहे कि प्याज का साइज 1 या 1.5 इंच से ज्यादा बड़ा नहीं हो। फिर इसमें से दो मुंह वाली प्याज को अलग कर दें।




इसके बाद प्याज का एक चौथाई ऊपरी हिस्सा (25 प्रतिशत) काट दे। अगर आपको अच्छी क्वालिटी का बीज बनाना हो तो थोड़ी और मेहनत करिए और छांटी गई प्याज में से एक जैसे रंग की प्याज बिल्कुल अलग निकाल लीजिए। एक बीघा खेत में बीज प्याज का बीज बनाने के लिए करीब 50 से 70 किलो प्याज की जरूरत पड़ेगी।

Onion seeds बोने का तरीका

बीज तयार करने के बाद आपको उसको बड़ी सावधानी के साथ खेत में चोपना होता हैं, जैसे लहसुन चोपते हे। एक पौधे से दूसरे पौधे की दूरी 4 से 5 इंच होनी चाहिए क्योंकि इसमें डंकल फूटते हे और जीतने ज्यादा डंकल फूटेंगे उतना ज्यादा उत्पादन होगा।

सिंचाई करना

बोने के बाद आपको तुरन्त हलकी सिचाई करनी होगी। एक बात का हमेशा ध्यान रखना है कि पानी के बहाव से प्याज की मिटटी न हटे। ठण्ड के दिनों में 10 से 15 दिनों में सिचाई करें और ज्यादा गर्मी हो तो 8 से 10 दिन में सिचाई जरूरी होती है।

रोगों से सावधानी

इसको रोग लगने का खतरा रहता है। थिप्स, शीर्ष छेदक (हेलिओथिस आर्मिजेरा), बैंगनी धब्बा (परपल ब्लाच), मृदुरोमिल फफूंदी डाउनी मिल्डयूस्टेमफिलियम ब्लाइट जैसे रोग इसको अपना शिकार बना सकते हैं। इसलिए जरूरत पड़ने पर दवाओं का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।

खुदाई निदाई

निदाई गड़ाई करते वक्त अवांछनीय पौधों और खरपतवार को निकाल लें और हलकी निदाई करवाए। क्योंकि इसके पौधों की जड़े कम गहरी होती हैं और इनको नुक्सान होने का खतरा रहता है।

Onion seeds कटाई एवम बीज निकलना

बुआई के ढाई महीने के बाद ही फूल वाले डंठल बनने लगते है। फूलों का गुच्छा बनने के 6 हफ्ते के बाद ही बीज पकना शुरु हो जाते हैं। एक गुच्छे में से 10से 15 बीज बहार निकलने लगते हैं तो समझ जाइए कि बीज पक गए हैं। ऐसे में उन्हें डंठल से ऊपर के पुष्प गुच्छे को काट लेना चाहिए। काटते समय फूलों पर मधु मक्खियां और ततैया बैठे रहते हैं जिनसे बना जरूरी है। फूलों के गुच्छों को काट कर तिरपाल पर छायादार जगह पर सुखा दें। अच्छी तरह सूखने के बाद उन्हें कूट के या मसल के काले रंग के बीजो को निकाल के साफ़ कर लें।




बीज भंडारण

साफ़ किये गए बीजो को पूरी तरह से सूखने के बाद प्लास्टिक की पॉलीथिन में भर के नमी वाले स्थान से दूर रखें। अच्छी तरह से तैयार किये गए बीज एक बीघा में 100kg से 200kg तक उत्पादन करने की क्षमता रखते हैं।

इस लेख के बारे में आपके जो भी विचार है वो आप नीचे कॉमेंट बॉक्स में लिखने सकते हैं।

Click to LIKE it कृप्या लाइक बटन पर क्लिक करें।

Powered by FB Like Lock

Comments

comments

Tagged on:
Orgy