November 13, 2016 How to convert black money into white money in rural india

देश में ऐसी सेल तो साड़ी और कपड़ों की भी नहीं लगती जैसी इस समय 500 और 1000 के नोटों पर लगी हुई है। 500 और 1000 के 1 करोड़ रूपए को ब्लैक मनी से व्हाइट मनी करो, तो 50 लाख आपके और 50 लाख हमारे। ये हॉट ऑफर्स इस समय देश के साढ़े 6 लाख गांव में खूब मिल रहे हैं। गांव के बनिया-व्यापारी वर्ग और एजेंट्स बैग में पैसे ले लेकर घूम रहे हैं। बस उनको बदले में आपको तुरंत अपना पैन कार्ड या आधार कार्ड दे देना है।

वैसे तो ये काम उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा राज्यों में खूब हो रहा है लेकिन देश में शायद ही कोई ऐसा राज्य या जिला होगा जहां इस तरीके से पैसे को ठिकाने ना लगाया जा रहा हो।

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क्या है ये माजरा

बनिया-व्यापारी वर्ग, एकाउंटेंट्स और किसान को ये बात अच्छे से पता है कि खेती से होने वाली कमाई पर एक रूपया भी टैक्स के तौर पर नहीं वसूला जाता। भारत में कृषि से कमाई पर 100 प्रतिशत टैक्स छूट मिलती है।

इसी बात का फायदा उठाकर, लोग अपना काला धन लेकर ऐसे किसानों के पास पहुंच रहे हैं जिनके पास बैंक एकाउंट है।

इतना ही नहीं जिनके पास बैंक एकाउंट नहीं है उनके भी बैंक एकाउंट हाथों हाथ खुलवाएं जा रहे हैं ताकि 1-2 हफ्ते बाद वो उनके एकाउंट में काला धन जमा करवा कर सफेद कर सकें क्योंकि बैंक में नोट 30 दिसंबर 2016 तक जमा करवाएं जा सकते हैं।

भोले भाले किसानों को पैसे की जरूरत भी है और आयकर विभाग के कायदे कानूनों के बारे में कुछ खास जानकारी भी नहीं है। अगर उनको कोई ये ऑफर देता है कि 1 करोड़ रूपए का 50 प्रतिशत रूपया यानी 50 लाख तुमको 1 महीने में ही कमाने को मिल रहा और वो भी बिना किसी मेहनत के, तो भला कोई क्यों तैयार नहीं होगा।




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इस ऑफर के बदले वो 1-2 लाख रूपए तुरंत किसान को देकर उनसे उनके पैन कार्ड या आधार कार्ड की फोटो कॉपी साइन करवाकर ले लेते हैं।

जब एक किसान को पैसे तुरंत मिल जाते हैं तो वो लालच में फिर अपने परिवार के बाकी ऐसे सदस्यों के भी बैंक एकाउंट खुलवा देता है जिन्होंने कभी बैंक की सूरत भी नहीं देखी।

क्यों होगी किसानों को जेल

इस गोरखधंधे में लालच के कारण शामिल हो रहे किसानों को आने वाले समय में अगर सरकार जेलों में ठूंस दे, तो कोई हैरत की बात नहीं। दरअसल, भोले भाले किसानों को ये जानकारी नहीं है कि सरकार और आयकर विभाग यही चाहता है कि लोग बैंकों में अपना पैसा जमा करवाएं, ताकि इससे पता चले कि किसने कमाई करने के बावजूद आयकर नहीं भरा है।

उदाहरण – अगर आपने कभी आयकर रिटर्न नहीं भरा है यानी कभी आयकर विभाग को ये नहीं बताया है कि आप कुछ कमाते भी हैं (बेशक आपकी कमाई साल की कुल 1 लाख रूपए ही क्यों ना हो) और फिर अचानक से आपके बैंक एकाउंट में लाखों-करोड़ों रूपए आ जाते हैं तो आयकर विभाग सीधे आपकी गर्दन पकड़ेगा।




फिर बेशक आप ये कहें कि आपने खेती से कमाई की है, तो आपसे नीचे दिए गए सवाल पूछे जायेंगे, जहां आप काले धन को सफेद करते हुए फंस जायेंगे।

  1. आपके पास कितने बीघा या एकड़ खेत है
  2. आप ऐसी क्या खेती करते हैं जिससे अचानक आप करोड़ों मे खेलने लगे।
  3. कौन सी फसल आपने किस व्यापारी को कितने में बेची
  4. फसल बेचने की रसीद या कोई सबूत
  5. बेची गई फसल को आपने बैंक एकाउंट में क्यों नहीं डलवाया
  6. इतनी मोटी कमाई करने के बावजूद आपने और ज्यादा खेती की जमीन क्यों नहीं खरीदी।

ऐसे दर्जनों सवाल पूछें जायेंगे जिनके आपके पास जवाब भी नहीं होंगे। नतीजा, आपका जल्द ही सरकारी घर यानी जेल में बैठकर हवा खानी पड़ सकती है।

इसलिए किसानख़बर.कॉम आपको सावधान करता है कि किसी भी सूरत में लालच में ना पड़े। कोई कितना भी खास रिश्तेदार क्यों ना हो, आप लालची ऑफर्स के लालच में ना पड़ें, वरना बुरा वक्त कभी भी आपका शुरु हो सकता है।

भारत सरकार और आयकर विभाग की नज़र में पाई पाई का हिसाब आ चुका है।

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