October 12, 2016

ग्लूकोस की बोतल का नाम आपने सिर्फ और सिर्फ हॉस्पीटल में ही सुना होगा या फिर मेडीकल स्टोर पर लेकिन क्या कभी सुना है कि खेतों में फसल को ग्लूकोस की बोतल से पानी दिया जाता है। निश्चित तौर पर नहीं सुना होगा, लेकिन ये सच है।

दरअसल मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के एक किसान ने पानी की कमी का ऐसा हल खोजा कि इसे जानकर आपको हंसी भी आएगी और हैरत भी होगी।

कैसे खोजा ग्लूकोस से पानी देना का नायाब तरीका

दरअसल 3-4 साल पहले की घटना है जब देश में मानसून देरी से आने वाला था। झाबुआ जिले में सिंचाई के बहुत अच्छे इंतजाम नहीं है। किसानों को बरसात के पानी पर भी ज्यादा निर्भर रहना पड़ता है।

लेकिन रमेश बारिया नाम के एक किसान ने इस समस्या का बहुत ही नायाब तरीका खोज निकाला। तरीका भी ऐसा कि खर्चा नाम मात्र का।

देरी से आने वाले मानसून ने सभी किसानों के दिल की धड़कने बढ़ी दी थीं। लेकिन तभी किसान रमेश के दिमाग में आइडिया सूझा कि क्यों ना ड्रीप इर्रिगेशन की तरह वो भी अपनी फसल को पानी दें लेकिन इसके लिए उनके पास पैसे नहीं थे।

glucous-bottel-drip-irrigationइस बीच उनकी मुलाकात कुछ कृषि वैज्ञानिकों से हुई। उन्होंने रमेश की समस्या समझी और आइडिया दिया कि वो ग्लूकोज की बेकार बोतलों में पानी भरकर फसल को पानी दें। इससे कम पानी में उनका काम हो जाएगा और लागत भी ना के बराबर आएगी।

बस फिर क्या था। रमेश 6 किलो ग्लूकोज की बेकार बोतलें 20 रूपए प्रति किलो के हिसाब से खरीद लाएं। 6 किलो में कुल 350 बोतलें उनको मिलीं।

फिर उन्होंने अपने बच्चों को भी काम पे लगा दिया यानी बच्चों की जिम्मेदारी थी कि वो रोजाना स्कूल जाने से पहले सुबह सुबह इन बोतलों में पानी भरकर जाएं।

इस तरह रमेश ने करीब सवा बीघा खेत में कद्दू और करेले की फसल को पानी दिया और देरी से आए मानसून के नुकसान के असर को पहले ही खत्म कर दिया।

जोत के हिसाब से रमेश सबसे जोते किसान हैं क्योंकि उनके पास सिर्फ सवा बीघा खेत है। लेकिन ग्लूकोज की बोतल से पानी देकर उन्होंने ना केवल लागत को काफी कम कर दिया बल्कि 15200 रूपए का उस साल एक ही सीजन में सवा बीघा खेत से शुद्ध लाभ भी कमाया।

कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक अगर इस जुगाड़ को सही ढंग से इस्तेमाल किया जाता है तो प्रति हेक्टेयर प्रति सीजन प्रति फसल डेढ़ से पौने 2 लाख रूपए का लाख कमाया जा सकता है।

रमेश को इस नायाब तरीके को खोज निकालने के लिए कई सम्मान मिल चुके हैं।

ये भी पढ़ें – खेती से जुड़ी समस्याओं का समाधान – यहां क्लिक करें

Tags : ramesh bariya kisan, glucose se drip sichayi,
glucose
se kheti main paani, glucose se khet main pani dena, glucose aur kheti, glucose drip irrigation

Click to LIKE it कृप्या लाइक बटन पर क्लिक करें।

Powered by FB Like Lock

Comments

comments

मोनिका सिंह को पत्रकारिता का 10 साल का अनुभव है