July 16, 2016

मध्य प्रदेश में एक छोटा सा जिला है दतिया। देश के ज्यादातर लोगों ने इस जिले का नाम भी कभी नहीं सुना होगा। लेकिन इस जिले का एक गांव है खरग, जो अब खेती की दुनिया में ऊंचा मुकाम हासिल कर चुका है।

खरग गांव में फूलों की खेती की शुरुआत किसान देवी सिंह ने की थी। लेकिन अब गांव और आसपास के इलाके में जिसे देखों वही फूलों की खेती कर रहा है।




फूलों के खरीदार खुद चलकर किसानों के खेतों तक आते हैं। गांव के लोग भी परंपरागत खेती में लागत ज्यादा और कम मुनाफे को देखते हुए अब फूलों की खेती करने लगे है। देवी सिंह के खेती में अच्छे काम के लिए 3 बार प्रशस्ति पत्र देकर कृषि विभाग ने सम्मानित भी किया है ।

किसान देवी के पास 10 बीघा खेत है। एक समय था जब परंपरागत खेती से देवी सिंह लागत तक नहीं निकाल पाते थे, लेकिन अब वो रूपए 5 लाख रुपए तक आराम से कमा लेते हैं।

फूलों की खेती की वजह से खरग गांव की पहचान भी जिले में फूलों की खेती के लिए होने लगी है। हर तरफ आपको तरह तरह के फूलों की खेती ही दिखाई देती है।




किसान देवी सिंह के मुताबिक फूलों की खेती में अच्छा खासा मुनाफा है। 50 हजार रूपए प्रति बीघा यानी करीब 2.5 लाख रूपए प्रति एकड़ आमदनी होती है। जबकि लागत 1500 प्रति बीघा यानी 7500 प्रति एकड़ आती है। यही फूल फिर झांसी और ग्वालियार की मंडी में बिकने चले जाते हैं।

दतिया के कृषि विज्ञान केन्द्र के मुताबिक इस इलाके की जलवायु फूलों की खेती के लिए बिल्कुल सही है।

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Vandana Singh
वंदना सिंह को पत्रकारिता का 10 साल का अनुभव है