July 6, 2016

खेतीबाड़ी में अक्सर आपने महिलाओं को सिर्फ खेत में मजदूरों के तौर पर काम करते देखा होगा। लेकिन महिलाओं ने अब खेती में भी अपनी सफलता के झंड़े गाड़ना शुरु कर दिया है। महिलाओं को समर्पित हमारी सीरीज में इस बार राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की महिला रीना तंवर की सफलता की कहानी है।

देश में आमतौर पर उच्‍च शिक्षा हासिल करने के बाद युवा कॉरपोरेट सेक्टर में नौक‍री की तलाश करते है। लेकिन एमबीए करने के बाद नौकरी छोडकर आधूनिक तरीके से खेती शुरू कर दी।

भीलवाड़ा की रहने वाली रीना तंवर ने सरकार से 1 साल पहले अनुदान लेकर पॉली हाउस  बनाया और खेती शुरु कर दी। करीब 1 बीघा में 1.5 लाख रूपये से अधिक का खीरा हर महीने उत्पादन कर सफलता की एक नई कहानी लिखी।

भीलवाड़ा शहर में रीना तंवर के खेत पर 4-4 बीघा में बने 2 पॉलीहाउस बने हुए हैं।

रीना तंवर के मुताबिक उन्होंने M.Sc (Maths) की पढ़ाई करने के बाद एमबीए भी किया। इसके बाद उनको कई कम्पनियों से नौकरियों के ऑफर मिले। लेकिन रीना को नौकरी से नौकरी से ज्यादा खेती में अच्छा भविष्य नजर आ रहा था।

इसलिए रीना ने पति महेन्द्र सिंह तंवर से बात की और उनको खेती के लिए राजी किया। इसके बाद बंजर जमीन पर सरकारी अनुदान से पॉलीहाऊस लगाया गया। उनके मुताबिक फसल आने तक कुल लागत 6 लाख रूपये आई। जबकि 6 महीने में कमाई करीब 16 लाख रूपये तक की हुई। यानी 10 लाख रूपए का लाभ हुआ।

तंवर के मुताबिक अब महिलाओं के लिए खेती में कई रास्ते खुल गए हैं। युवाओं को भी नौकरी के भरोसे ना रहकर अपना खुद का रोजगार शुरू कर देना चाहिए।

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मोनिका सिंह को पत्रकारिता का 10 साल का अनुभव है