October 18, 2016 Pulses in India

जी हां, अरहर की फसल में जिस तरह से बीते दिनों में कमी आई है उससे ना सिर्फ कृषि वैज्ञानिक बल्कि खुद भारत सरकार भी परेशान है। आम आदमी के लिए दाल का निवाला महंगा साबित हो रहा है।

लेकिन अब कृषि वैज्ञानिकों ने इस समस्या से निजात पाने का रास्ता खोज है। अब अरहर की फसल महज 100 दिन में तैयार हो जाएगी यानी करीब 3 महीने में। इसके लिए वैज्ञानिकों ने अरहर के 5 नए प्रकार विकसित किए है।

आमतौर पर अरहर की फसल को तैयार होने में 180 से 200 दिन (यानी 6 से करीब 6.5 महीने) लग जाते है लेकिन ये नए प्रकार की अरहर मात्र 100 दिन में पककर तैयार हो जाएगी।

ये दावा कानपुर आईआईपीआर (भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान-IIPR) के वैज्ञानिकों ने किया है।

IIPR के मुताबिक अरहर पर कई साल से चल रही रिसर्च अब खत्म हो चुकी है। अगर अरहर की फसल पर मौसम की मार नहीं पड़ी तो अगले साल अरहर के उत्पादन में कमी नहीं आएगी। वहीं किसानों को अरहर की फसल करने में आसानी हो इसलिए अरहर की नई प्रजातिया विकसित की गई है। इससे अरहर कम समय में पैदा हो सकेगी। अगर फसल को तैयार होने में कम समय लगेगा तो वो कीट के हमलों से भी बचेगी। इससे किसानों को कम नुकसान होगा और लाभ बढ़ जाएगा।

इस खोज के बाद अब देश के पूर्वी क्षेत्र में अरहर की बुआई दिसंबर महीने में की जा सकेगी। नए विकसित किए गए अरहर की इस किस्म से कम समय के अंदर किसान ज्यादा उत्पादन करके मुनाफा कमा सकेंगे।

वैज्ञानिकों ने बताया आईआईपीआर संस्थान किसानों को अरहर की नई प्रजातियों के बारे में जानकारी मुहैया कराएगा। इसके अलावा बुआई कैसे करते है उसकी भी जानकारी देगा।

ये भी पढ़ें – खेती में वैज्ञानिकों ने हाल ही में क्या नई नई खोजे की हैं जिनसे किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

Click to LIKE it कृप्या लाइक बटन पर क्लिक करें।

Powered by FB Like Lock

Comments

comments

मोनिका सिंह को पत्रकारिता का 10 साल का अनुभव है